ईद आत्म शुद्धि का पर्व है, जानिए इस पर्व से जुड़ी अहम बातें

ईद आत्म शुद्धि का पर्व है, जानिए इस पर्व से जुड़ी अहम बातें

ईद-उल-फितर अथवा ईद का त्यौहार मुस्लिम समुदाय का मुख्य त्यौहार है जो रमजान माह की समाप्ति पर चाँद दिखने पर मनाया जाता है मुस्लिमों के लिए रमजान का महीना विशेष धार्मिक अहमियत रखता है दरअसल यह माह उनके लिए आत्म शुद्धि का पर्व माना जाता है रमजान के माह में मुस्लिम श्रद्धालु रोज़े रखते हैं सुबह सेहरी के बाद शाम को रोज़े खोले जाते हैं इस दौरान पानी का एक घूंट भी नहीं पीते हैं हालाँकि इस्लाम में कुछ असहाय, बीमार तथा लाचार व्यक्तियों को रोज़े नहीं रखने की छूट मिली हुई है सुबह पाँच बजे निश्चित समय पर खुदा को नमाज अदा करते हैं तथा अपने व सभी परिजनों के लिए दुआ करते हैं पूरे महीने सभी मुस्लिम सूर्यास्त के पश्चात् ही भोजन व जल ग्रहण करते हैं इसे इफ्तार कहा जाता है।

बता दें कि रमजान महीने के अंतिम दिन सभी मुस्लिम चाँद दिखाई देने के पश्चात् ही दूसरे दिन ईद मनाते हैं इस साल की ईद का चाँद सम्भवतः कल दिखाई दिया तो परसों शुक्रवार को ईद मनाई जा सकती है सभी मुसलमान ईद को बड़ी धूम-धाम से विशेष तैयारी के साथ मनाते हैं ईद के त्योहार में संपूर्ण वातावरण एकरस हो जाता है अमीर और गरीब का भेद भी मिट जाता है। सभी अपनी शक्ति, सामर्थ्य एवं रुचि के अनुसार नए कपडे, नए आभूषण, जूते, चप्पल व अन्य सामग्री खरीदते हैं फलों व मिठाइयों की दुकानों पर भीड़ उमड़ने लगती है।

ईद के दिन का उत्साह देखते ही बनता है ईद के दिन सुबह बच्चे, युवा, बूढ़े सभी नए कपड़ों में ईदगाह में पंक्तिबद्‌ध होकर नमाज अदा करते है हजारों की संख्या में एकत्रित हुए लोगों के हाथ जब दुआ के लिए उठते हैं तो ऐसा लगता है जैसे सभी आपस में भाई-भाई हैं जिनमें आपस में दुश्मनी की कोई जगह नहीं है नमाज अदा करने के बाद सभी लोग एक-दूसरे को गले लगाते हैं तथा ईद की मुबारकबाद देते हैं सभी लोग अपने मित्रों व सगे-संबंधियों, दोस्तों के घर जाकर उन्हें ईद की मुबारकबाद देते हैं इसके साथ ही दावतों का सिलसिला शुरू हो जाता है कई स्वादिष्ट व्यंजनों का लुत्फ़ उठाया जाता है दरअसल ईद का यह त्यौहार एक-दूसरे से प्रेम करने की नसीहत देता है।


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