गुड फ्राइडे: आज ही के दिन ईसा मसीह को चढ़ाया गया था सूली पर..

गुड फ्राइडे: आज ही के दिन ईसा मसीह को चढ़ाया गया था सूली पर..

ईसा मसीह जिन्होंने लोगों को सच्चाई और अच्छाई की राह पर चलने का संदेश दिया, जो बिना डरे एकता और शांति का उपदेश देते रहे। ऐसी महान आत्मा और ईश्वर के दूत को समाज के कुछ ठेकेदारों ने सूली पर लटका दिया। आज ही के दिन यानि फ्राइडे के दिन ही इंसानियत को सूली पर लटकाकर उसे मार दिया गया। आइए आपको विस्तार से बताते हैं आज के दिन के बारे में—

आज ही के दिन ईसा मसीह को चढ़ाया गया सूली पर
आज से लगभग दो हजार साल पहले ईसाई धर्म के प्रवर्तक ईसा मसीह को सूली पर चढ़ाया गया। बाइबिल के अनुसार इस दिन फ्राइडे था और तभी से इस दिन को ईसा मसीह की याद में गुड फ्राइडे के रूप में मनाया जाने लगा। यरुशलम के गैलिली प्रांत के नासरत में जन्में ईसा लोगों को मानवता, भाईचारा, एकता और शांति का उपदेश देते थे और लोगों में ईश्वर के प्रति आस्था बढ़ाने का कार्य करते थे।

ईसा मसीह ने धर्मगुरुओं को बताया मानव जाति का शत्रु
वे खुद को ईश्वर का पुत्र मानते थे और धार्मिक अंधविश्वास फैलाने वाले धर्मगुरुओ को मानव जाति का शत्रु बताते थे। ईसा की लोकप्रियता से धर्मगुरुओ में भय व्याप्त हो गया और उन्होंने येनकेन-प्रकारेण, ईसा पर धर्म और राज्य की अवमानना का आरोप लगाकर उन्हें सूली पर लटकाकर मृत्यु-दंड देने का आदेश पारित करवा दिया। जब ईसा को क्रूस पर लटकाया गया उससे पहले उन्हें अनेक तरह की अमानवीय यातनाएं दी गईं, उनके सिर पर कांटों का ताज रखा गया, क्रूस को अपने कंधे पर उठाकर ले जाने के लिए बाध्य किया गया।उन्हें कोड़े और चाबुक भी मारे गए और अंत में उन्हें दो अपराधियों के साथ सूली पर बेरहमी से कीलों से ठोक दिया गया। 

जीवन के आखिरी क्षण पर ईश्वर को किया याद
जब ईसा अपने प्राण त्याग रहे थे तो उन्होंने ऊंची आवाज में परमेश्वर को पुकारा और कहा- हे पिता! मैं अपनी आत्मा को तेरे हाथों सौंपता हूं। ऐसा कहने के साथ ही, उन्होंने अपने प्राण त्याग दिए। ईसाई धर्मावलम्बियों के लिए गुड फ्राइडे का विशेष महत्व है। बहुत से लोग इस बलिदान के लिए ईसा मसीह की कृतज्ञता व्यक्त करते हुए 40 तक उपवास भी रखते हैं, जो ‘लेंट’ कहलाता है, तो कोई केवल शुक्रवार को ही व्रत रखकर प्रेयर करते हैं।


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