सोमवती अमावस्या मेला: 10 लाख श्रद्धालुओं ने मन्दाकिनी नदी में लगाई डुबकी

सोमवती अमावस्या मेला: 10 लाख श्रद्धालुओं ने मन्दाकिनी नदी में लगाई डुबकी

प्रभु श्रीराम की तपोस्थली चित्रकूट में तीन दिवसीय सोमवती अमावस्या मेले में लगभग 10 लाख श्रद्धालुओं ने मन्दाकिनी नदी में डुबकी लगाने के बाद कामदगिरि की परिक्रमा लगाई। ऐसी मान्यता है कि सोमवती अमावस्या में चित्रकूट आने मात्र से सभी मनोकामनाये पूर्ण हो जाती हैं।

धार्मिक नगरी चित्रकूट में यूं तो हर माह अमावस्या मेला लगता है किन्तु जो श्रद्धा का सैलाब सोमवती अमावस्या में उमड़ता है वो किसी अन्य अमावस्या में नही। सोमवती अमावस्या का यहाँ विशेष महत्व है। इसमें देश भर के प्रान्तों से श्रद्धालु आते है और मन्दाकिनी में स्नान कर कामदगिरि की परिक्रमा करते है और पुण्य लाभ कमाते है। महिलाएं वट बृक्ष की पूजा करती है और पति की लंबी उम्र की कामना करती है।

चित्रकूट में रम रहे रहिमन अवध नरेश जा पर विपदा पडत है सो आवत यही देश ऐसी मान्यता है कि यहाँ के कण कण में प्रभु राम का वास है और यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं की विपदाये दूर होती है।

चित्रकूट भगवान राम की कर्मस्थली के रूप में सारे विश्व में विख्यात है यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं का मानना है कि आज भी भगवान राम चित्रकूट में ही वास करते हैं। इसी कलियुग में सोमवती अमावस्या के दिन चित्रकूट के मन्दाकिनी तट में गोस्वामी तुलसीदास को राम और लक्ष्मण के दर्शन हुए थे यही कारण है कि सोमवार को पड़ने वाली अमावस्या में राम से नाता जोड़ने के लिए लाखो श्रद्धालुओं ने माँ मंदाकनी नदी में डुबकी लगा कर कामदगिरि पर्वत की परिक्रमा लगाई। और वही प्रशासन ने भी कड़े इंतजाम किए है।
 


Share
Bulletin