करोड़ों की बनी सड़क गढ्ढ़ों में तब्दील

करोड़ों की बनी सड़क गढ्ढ़ों में तब्दील

बीजापुर में एक करोड़ कि लागत से बनाई गई सड़क महज एक महीने में ही उखड़ने के कगार पर पहुँच चुकी है। जिला मुख्यालय से महज कुछ दूरी पर नेशनल हाईवे से तुरनार गाँव को जोड़ने के लिए सड़क का निर्माण कार्य जीवीआर कंस्ट्रक्शन कंपनी ने किया था।

इस एक महीने में ही सड़क पर बने 63 गड्ढे इस बात कि ओर इशारा करने के लिए काफी हैं कि ठेकेदार और निर्माण एजेंसी ने इस पूरी सड़क निर्माण कार्य में कितने बड़े भ्रष्टाचार को अंजाम दिया है। सड़क को देखकर ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि सड़क कि गुणवत्ता के साथ किस हद तक समझौता किया गया है। सड़क पर बिछाए गए डामर कि मोटाई 10 से 15 सेंटीमीटर होनी चाहिए लेकिन इस सडक पर मात्र 5 सेंटीमीटर चौड़ी डामर बिछाई गई है।

बारिश के पानी से सड़क के कटाव को बचाने के लिए सड़क के दोनों किनारों पर साइड सोल्डर बनाया जाता है, लेकिन इस सड़क पर वह भी नहीं बनाया गया। जिसके कारण सड़क पर 63 गढ़ढे बन चुके हैं। तुरनार गाँव के ग्रामीणों कि सालों पुरानी मांग थी कि उनके गाँव तक पहुँचने के लिए एक पक्की सडक बनाई जाए।

जब सड़क निर्माण कार्य शुरू हुआ तो तुरनार के ग्रामीण भी काफी खुश थे कि उनकी मांग आखिरकार पूरी होते नज़र आ रही है, लेकिन अब सड़क कि बदहाल स्तिथि देख ग्रामीण सरकार और प्रसाशन से काफी नाराज़ हैं।

 


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