काले हीरे का अवैध उत्खनन, ग्रामीणों की जान खतरे में

काले हीरे का अवैध उत्खनन, ग्रामीणों की जान खतरे में

सूरजपुर : कोयलांचल क्षेत्र के नाम से पहचाने जाना वाले जिले में सैकड़ों ग्रामीण काले हीरे का अवैध उत्खनन के लिए रोजना अपनी जान जोखिम में डाल रहे है। जहां एसईसीएल के कोयला खदानों में सफेदपोश कोल तस्कर भोले-भाले ग्रामीणों से चंद रुपयों के लालच में ग्रामीणों की जान खदानों के हवाले करते है।

जहां कोयला राष्ट्र की संपत्ति है, वहीं सूरजपुर जिले में एसईसीएल कंपनी कोयला के क्षेत्र में कई खदानें संचालित कर रही है। जहां कोयला खदानों पर वर्षो से ही कोल तस्करों का घुसपैठ हुआ करता था। वहीं अब कोल तस्कर पर्दे के पीछे से भोले-भाले ग्रामीणों को चंद रुपयों की लालच में कोयला खदानों से अवैध कोयला उत्खनन करा रहें हैं।

एसईसीएल विश्रामपुर के अमेरा खदान को देख लोग दंग रह जाते हैं। जहां खदान के आसपास के दर्जन भर गांव के ग्रामीण सैकड़ों की तादाद में रात 2 बजे से मासूम बच्चों और छात्रों के साथ सवेरे तक जबरन खदान में घुसकर अवैध तरीके से कोयला उत्खनन करते है। आज यह अवैध कोयला उत्खनन ही उनकी आजीविका बन चुकी है।

कोयला उत्खनन के लिए सैकड़ों की तादाद में घूसने वाले ग्रामीणों से पूरा एसईसीएल ही थर्राता है। कारण बस यह है कि अगर इन ग्रामीणों को कोई रोकने की कोशिश करे, तो उसे उनके गुस्से का शिकार होना पड़ता है।

मजबूरन एसईसीएल के कर्मचारी और सुरक्षा कर्मी भी लाचार है। जिसके कारण अच्छी गुणवत्ता वाली जी-6 कोयला ग्रामीणों के माध्यम से कोल तस्करों तक पहुंच रही हैं और सरकार को रोजाना लाखों का नुकसान हो रहा है।

बहरहाल रोजाना जान जोखिम में डालकर कोयला खदान में जाने वाले मासूम बच्चों और महिलाओं को रोकने के लिए शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की नजर कब तक पड़ती है, यह तो देखने वाली बात होगी।

 


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