कैसे हो रहे किसान मालामाल, क्या हैं इसका राज...?

कैसे हो रहे किसान मालामाल, क्या हैं इसका राज...?

धमतरी : कहते हैं खरबूजे को देखकर खरबूजा रंग बदलता हैं, यानी देख कर व्यक्ति भी बहुत कुछ सीख सकता हैं, बस उसमें कुछ कर गुजरने का जज्बा होना चाहिए। मौजूदा वक्त में छत्तीसगढ़ के कई किसान सरकार के योजनाओं का लाभ लेकर नित नई सफलता की इबारत लिख रहे हैं और घर परिवार की जिम्मेदारियों के साथ आर्थिक मोर्चे पर भी फतह हासिल कर रहे हैं।

दरअसल छत्तीसगढ़ सरकार जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश में कई योजनाएं चला रही हैं। इसके आलावा किसानों को प्रशिक्षण मुहैया कराकर जैविक खेती के लिए भी प्रेरित किया जा रहा हैं।

वहीं सरकार इसके लिए किसानों को प्रोत्साहन भी दी रही हैं। जिसके चलते किसानों की आय में बढ़ोत्तरी हो रही हैं। प्रदेश के अन्य जिलों के साथ धमतरी में भी किसान जैविक खेती को अपनाकर अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं और इसके लिए प्रदेश सरकार को धन्यवाद दे रहे हैं।  

एक समय था, जब किसान फसल की लागत में बढ़ोतरी और खेती से हो रहे नुकसान से काफी परेशान हो रहे थे। उन्हें लागत के हिसाब से मुनाफा नहीं मिल रहा था। इसके पीछे वजह हैं रासायनिक कीटनाशकों का बेहताशा इस्तेमाल, जो खेती का लागत बढ़ाने के साथ, खेतों की उर्वरा शक्ति को भी नष्ट कर रही थी।

ऐसे समय में प्रदेश सरकार ने किसानों के प्रति संवेदनशीलता प्रगट करते हुए योजनाएं शुरू की और किसानों को जैविक खेती से जोड़ने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया। इतना ही नहीं, जैविक खेती के लिए प्रोत्साहन भी दिया, ताकि किसान पारंपरिक खेती से जुड़कर बेहत्तर फसल का उत्पादन ले सके।

वहीं लोगों को रसायनिक मुक्त आनाज और सब्जी मिल सके। यही वजह हैं कि अब किसान सरकार के योजना का बढ़चढ़ कर लाभ उठा रहे हैं। धमतरी जिले में ज्यादातर मगरलोड और नगरी ब्लॉक सहित कुरूद ब्लॉक के किसान जैविक खेती को अपनाकर उन्नत किस्म के फसलों का उत्पादन कर रहे हैं।

मगरलोड इलाके के किसान बीरेन्द्र साहू बताते हैं कि पहले वे रासायनिक खाद और दवाई का इस्तेमाल किया करते थे, लेकिन कीड़े और बीमारी के प्रकोप को देखते हुए उन्होंने जैविक खेती को अपना लिया। नतीजन अब किसानी में लागत कम हो गई।

कृषि विभाग ने बीरेन्द्र साहू के आलावा जिले के कई किसानों को बोर खनन से लेकर ड्रिप सिंचाई सुविधाओं सहित अच्छे किस्म के बीज उपलब्ध कराया हैं। इसके आलावा समय-समय पर गोष्ठी, भ्रमण, किसान मेला के माध्यमों से व्यापक प्रचार प्रसार कर रही हैं। यही वजह कि जिले के किसान जैविक खेती की ओर अग्रसर हो रहे हैं और जैविक संवर्धन एवं संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

धमतरी जिले में सरकार की इन्हीं योजनाओं का बेहतर ढंग से क्रियावयन हो रहा हैं। जिले में जैविक खेती के अपार संभावनाओं को देखते हुए प्रशासन ने नगरी ब्लॉक को जैविक ब्लॉक घोषित करने के साथ-साथ कई गांवों में वर्गी कम्पोस्ट खाद तैयार करने की कवायद शुरू कर दी हैं।

जहां वर्गी कम्पोस्ट खाद का निर्माण किया जाएगा। इसके आलावा किसानों के लिए ट्रेनिंग सेन्टर खोलने की तैयारियां शुरू हो गई हैं, जहां एक साथ करीब 250 किसान प्रशिक्षण ले सकेगें।

बहरहाल जिले के कई किसान अपनी किस्मत बदलने की ठान ली हैं। वहीं खेती को फायदे का सौदा बनाने के लिए वे जी जान से जुट गए हैं। अब कृषि के क्षेत्र में जैविक खेती एक बड़ी क्रांति धीरे-धीरे आकार लेने लगा हैं। यह छत्तीसगढ़ सरकार के सहयोग से संभव हो पा रहा हैं।  


 


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