बीएसएफ के जवान ने लगाए ठुमके, तो दर्शक भी खुद को रोक न पाए

बीएसएफ के जवान ने लगाए ठुमके, तो दर्शक भी खुद को रोक न पाए

दुर्ग : यूं तो सेना के जवानों के किस्से आपने अक्सर दुश्मनों से लोहा लेने और बार्डर पर देश की रक्षा के लिए लड़ने के ही सुने होंगे, पर भिलाई के सिविक सेंटर ग्राउंड में डांडिया कार्यक्रम में जब बीएसएफ के जवान मैदान में उतरे, तो लोगों ने देश के सुपरहीरो का तालियों से स्वागत किया।

फिर देश भक्ति गानों की धुन पर जवानों ने जब ठुमके लगाए, तो दर्शक भी अपने आप को न रोक पाए और अपने सुपरहीरो के साथ डांस करने का ये मौका कौन गवाना चाहेगा। दर्शक भी इन जवानों के साथ देशभक्ति गीतों पर झूम उठे। फिर कभी गरबा की धुन बजी तो कभी पंजाबी गानों की।

सैनिकों ने बार्डर पर अपनी जबाजी के किस्सों की तरह हर धुन पर समां बांध लिया। ये पल भिलाई ने शायद ही पहले कभी देखा होगा। जवानों का हौसला बढ़ाने लोगों ने भी भारत माता की जय, वन्दे मातरम के नारे लगाने शुरू किए और असल जिंदगी के हीरोज का अभिवादन भी किया।

कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि उच्चशिक्षा मंत्री प्रेम प्रकाश पांडेय ने बीएसएफ के आईजी केसी त्यागी और मौजूद जवानों का अभिवादन करते हुए इस आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन बहुत कम देखे जाते हैं। जिसमें सैनिक किसी निजी कार्यक्रम में जनता के बीच जाकर परिवार की तरह मनोरंजन करते दिखते हो।

वहीं उनका यह भी कहना था कि बीएसएफ के जवानों को भिलाई में कभी घर से दूरी जैसी बात महसूस नहीं होती होगी, क्योंकि इस भिलाई में मिनी इंडिया बसता हैं। जहां हर तरह की भाषा बोली जाती, जो एक अपनापन पैदा करती हैं।

वहीं दिलबर डांडिया के आयोजक का कहना था कि इस कार्यक्रम के माध्यम से वो देश के सुपरहीरो के प्रति अपनी सद्भावना व्यक्त करना ही उनका उद्देश्य हैं। लोगों की रक्षा के लिए कभी तपती गर्मी में, तो कभी माइनस डिग्री में घंटों ड्यूटी करने वालों की वजह से देश के लोग महफूज हैं और हमारी रक्षा करते हुए ये अपना निजी जीवन नहीं जी पाते। आज इनके गरबा में शामिल होकर नाचने से सभी का मन मोह लिया और स्टील सिटी की इस शाम को देश के जबाजों ने यादगार बना दिया।

 

 


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