बैंकों के नाम पर चला रहे थे फर्जी कॉल सेंटर, किया गिरफ्तार

बैंकों के नाम पर चला रहे थे फर्जी कॉल सेंटर, किया गिरफ्तार

सूरजपुर। रामानुजनगर पुलिस ने बैंकों के नाम पर फर्जी काॅल सेन्टर चला कर लोगों को बैंकों के ग्राहक सेवा केन्द्र की फ्रेंचाईजी देने के नाम पर करोड़ों रूपये के ठगी करने वाले अंतर्राष्ट्रीय गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपियों के पास से बडी़ संख्या में ठगी में उपयोग किये जाने वाले उपकरण के साथ दो बुलेट और एक कार बरामद की है।फिलहाल पुलिस ने सभी आरोपीयों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जानकारी के अनुसार रामानुजनगर के नकना गांव के निवासी फलेन्द्र राजवाड़े ने 30 अक्टुबर को रामानुजनगर थाने में रिर्पोट दर्ज कराई कि बैंक आॅफ इंडिया कियोस्क बैंकिग सर्विस देने के नाम पर उससे 216752 रूपये की ठगी की गई है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने विवेचना शुरू की और आरोपियों के मोबाईल नम्बर एवं बैंक अकाउन्ट का डिटेल निकलवा कर एक टीम गठित कर आरोपियो की धर-पकड़ हेतु दिल्ली रवाना किया गया। वहां पुलिस टीम को जानकारी मिली कि उत्तरप्रदेश के लखनऊ मे कुछ बेराजगार युवक फर्जी काॅल सेन्टर संचालीत कर ठगी का कार्य करते है।जिसकेे बाद पुलिस की टीम उ.प्र. पहुच लखनऊ के साईवर सेल से संर्पक कर इन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे सबसे पहले लोगों का मोबाईल नम्बर सी.एस.सी के माध्यम से प्राप्त करते थे फिर उस डाटा को अपने फर्जी काॅल सेन्टर पर ले जाकर लोगो को काॅल करते थे और उन्हे सी.एस.सी. होल्डर बनाने का लालच देकर अपनी वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन कराने को कहते थे जिसका चार्ज 1500 रूपये होता था. उसके बाद पोस मशिन के नाम पर 6500 रूपये लेते थे ऐसे ही अलग-अलग बहानों से एक ग्राहक से लाखों रूपये वसूलते थे और उसके बाद मोबाईल बंद कर देते थे।

गिरफ्तार आरोपियों में दो उ.प्र. एक दिल्ली जबकि 1 बिहार का बताया जा रहा है, उनके नाम देवदत्त शुक्ला, शुषील मिश्रा,मनीष चौहान और गौरव राज हैं। आरोपियों के पास से चार सी.पी.यु., चार माॅनिटर, एक प्रिंटर, चार माउस, चार लैपटाॅप,चार की बोर्ड, पन्द्रह मोबाईल, दो फर्जी मोहर, दो बुलेट मोटर सायकल और एक स्विफ्ट कर जब्त की गई है. पुलिस ने सभी आरोपियों पर धारा 420 भा.द.वी के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।


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