मजदूरों का शोषणः अवैध ईंट भट्टों में है जान जोखिम में...

मजदूरों का शोषणः अवैध ईंट भट्टों में है जान जोखिम में...

गरियाबंद। खनिज विभाग की निगरानी में अवैध ईट निर्माण का कार्य धड़ल्ले से चल रहा है, और मजदूरों का खुले आम शोषण किया जा रहा है।

राजिम के फिंगेश्वर, छुरा विकास खण्ड में अवैध ईट निर्माण का कार्य धडल्ले से जारी है, साथ ही ईंट निर्माण की आड़ में ईंट ठेकेदारों द्वारा बाहर से मजदूर बुलाकर भारी शोषण किया जा रहा है, और खनिज विभाग कुम्भकरणी नींद में सोया है। जिसकी वजह से राजस्व को लाखों रुपए की हानि हो रही है।

कार्रवाई के बाद भी संचालित अवैध ईंट भट्टे?

जिले के छुरा,फिंगेश्वर,राजिम,गरियाबंद जिला मुख्यालय में भी अवैध ईंट निर्माण का कारोबार खूब फलफूल रहा है, हम ने कुछ ईंट भट्टों का जायजा लिया जिसमें ब्लाक मुख्यालय फिंगेश्वर के ग्राम लोहरर्सी, कुंडेल में धड़ल्ले से अवैध ईट निर्माण किया जा रहा है, और बकायदा अवैध ईंट निर्माण करने वाले ठेकेदार कह रहे हैं कि हां यह अवैध है, इसी तरह ग्राम गाड़ाघात में एक ऐसा ईट भट्टा संचालित हो रहा है, जो पूरी तरह अवैध तो है ही बाकायदा खनिज विभाग ईंट भट्टे पर कार्रवाई  भी कर चुका है, बावजूद आज भी यहां खुले आम अवैध ईंट निर्माण का काम चल रहा है।

खनिज विभाग सब जानता है?

ईंट भट्टे का मालिक गाड़ाघाट निवासी है, जब इस व्यक्ति से अवैध ईंट निर्माण के बारे में पूछा कि किसकी अनुमति से आप अवैध ईंट निर्माण कर रहे हो तो कहा खनिज विभाग सब जानता है, आप उन्हीं से पूछ लो।

बड़ी हैरानी की बात है, कि खनिज विभाग की कार्रवाई के बाद भी धडल्ले से यह अवैध ईंट भट्टा कैसे संचालित हो रहा है, कहीं खनिज विभाग के अधिकारी की तो मिली भगत नहीं है, इस लिए हमारे संवाददाता ने खनिज विभाग के अधिकारी उमेश भार्गव से बात की तो बेहद ही हल्का जवाब दे कर सवालों से बचते दिखे, जिले में चल रहे अवैध ईंट निर्माण करने वाले ठेकेदार बाहर से मजदूर बुलाकर उन से काम ले रहे हैं लेकिन न मजदूरों का बीमा है, और न ही श्रम विभाग में कोई पंजीयन अगर ऐसे में कोई घटना दुर्घटना हो तो जिम्मेदार कौन होगा ये सब से बड़ा सवाल है।


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