मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर मितानिन हड़ताल पर

मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर मितानिन हड़ताल पर

मानदेय बढ़ाने, काम के दौरान दुर्घटना होने पर स्वास्थ्य सुविधा देने समेत 3 सूत्रीय मांगों को लेकर ब्लॉक भर के 300 से अधिक मितानीन ने गुरूवार से बेमुद्दत हड़ताल पर चली गई हैं हड़ताल में ब्लॉक स्वास्थ्य मितानिन संघ से जुड़ीं कार्यकर्ता ब्लॉक समन्वयक और एरिया समन्वयक भी शामिल हैं प्रदर्शन के दौरान मितानिनों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चेतावनी दी कि मांगें पूरी होने तक वे काम पर नहीं लौटेंगी। 

एक केस पर 300 रुपए देने का नियम है पर दे रहे 150 रूपए मितानिनों ने कहा कि गर्भवती महिलाओं को संस्थागत प्रसव के लिए अस्पताल पहुंचाने पर शासन से 300 रुपए प्रोत्साहन राशि दिए जाने का प्रावधान है लेकिन उन्हें मात्र 150 रुपए दिए जाते हैं यह अन्याय है गांव में मितानिन ही स्वास्थ्य विभाग का आधा कार्य करती हैं गर्भवती महिलाओं की देखरेख, डिलीवरी करवाने, नवजात शिशुओं की 42 दिनों तक देखरेख करने, टीके लगवाने, जांच कराने, कुष्ठ, टीबी, मलेरिया, डायरिया सर्वे करने समेत कई अन्य कार्यों की जिम्मेदारी उन पर रहती है। 

नारेबाजी कर मांगें पूरी होने तक पीछे नहीं हटने की चेतावनी दी और छठवे दिन  भी हड़ताल  पर  डटी रही।

यह है मांगे इनकी

1.ब्लाक समन्वयक, स्वास्थ्य पंचायत समन्वयक, क्षेत्र समन्वयक का मानदेय 30 हजार, प्रशिक्षक का 20 हजार व हेल्प डेस्क फेसिलिटेटर का 15 हजार करें। 

2.मितानिनों को 100 प्रतिशत राज्यांश, सीएल, ईएल मेडिकल अवकाश और नक्सली भत्ता अलग से दें। 

3.एसएचआरसी में कोई भी पद रिक्त होने पर मितानिन कार्यक्रम के ही व्यक्ति को नियुक्ति दें कार्य के दौरान कोई दुर्घटना होने पर तत्काल स्वास्थ्य सुविधा एवं आर्थिक सहायता दें।

 


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