एम् करूणानिधि के निधन के बाद पार्टी में शुरू होगी अब उत्तराधिकार की लड़ाई

एम् करूणानिधि के निधन के बाद पार्टी में शुरू होगी अब उत्तराधिकार की लड़ाई

तमिल नाडु के शीर्ष नेता और द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम के अध्यक्ष एम् करूणानिधि के निधन के बाद, डीएमके के अध्यक्ष का पद रिक्त हो गया है, ऐसे में डीएमके पार्टी ने 14 अगस्त को चेन्नई के पार्टी कार्यालय में डीएमके कार्यकर्ताओं की आपात बैठक बुलाई है। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस बैठक में डीएमके के भावी अध्यक्ष के बारे में विचार विमर्श किया जाएगा।

गौरतलब है कि सोमवार को डीएमके अध्यक्ष एम् करूणानिधि का निधन हो गया था जिसके बाद से पूरे दक्षिण भारत में शोक लहर व्याप्त हो गई थी इसके बाद से ही डीएमके कार्यकर्ताओं के साथ ही आम लोगों के जेहन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या पार्टी में उत्तराधिकार की लड़ाई फिर शुरू होगी या एम के स्टालिन पार्टी में अपना प्रभुत्व बनाए रखेंगे, क्योंकि करूणानिधि ने अपने जीवनकाल में ही स्टालिन को अपना उत्तराधिकारी घोषित कर दिया था। 

वहीं करूणानिधि के दूसरे पुत्र एम.के. अलागिरी के साथ एम् के स्टालिन के सम्बन्ध अच्छे नहीं हैं अलागिरी को 2014 में पार्टी से निकल दिया गया था इस दौरान उन्होंने एक बार सवाल भी किया था कि क्या डीएमके कोई मठ है, जहाँ महंत अपनी इच्छा से उत्तराधिकारी चुन सकते हैं। हालांकि दोनों के बीच उत्तराधिकार के संघर्ष को लेकर पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा है कि पार्टी में फिर से उत्तराधिकार संघर्ष होने की कोई आशंका नहीं है इससे साफ़ जाहिर होता है कि डीएमके ने एम् के स्टालिन को अपना अध्यक्ष चुन लिया है, लेकिन अलागिरी इसमें अड़ंगा दाल सकते हैं।


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