अमिताभ बच्चन के करियर की इन फिल्मों ने उन्हें बनाया 'शहंशाह'

अमिताभ बच्चन के करियर की इन फिल्मों ने उन्हें बनाया 'शहंशाह'

महानायक अमिताभ बच्चन आज अपना 76 वां जन्मदिन मना रहे हैं उनके इस खास मौके पर आइए एक नजर डालते है उनके करियर की सबसे बेहतरीन फिल्मों पर जिसने उन्हें बनाया बॉलीवुड का शहंशाह। बचपन से ही अमिताभ बच्चन का झुकाव अभिनय की ओर था और दिलीप कुमार से प्रभावित रहने के कारण वह उन्हीं की तरह अभिनेता बनना चाहते थे।

इस फिल्म से की शुरुआत

वर्ष 1969 में अमिताभ बच्चन को पहली बार ख्वाजा अहमद अब्बास की फिल्म सात हिंदुस्तानी में काम करने का मौका मिला लेकिन इस फिल्म के असफल होने के कारण वह दर्शकों के बीच कुछ खास पहचान नहीं बना पाए वर्ष 1971 अमिताभ बच्चन के सिने करियर का महत्वपूर्ण साल माना जाता हैं इस साल अमिताभ बच्चन को राजेश खन्ना के साथ फिल्म आनंद में काम करने का मौका मिला राजेश खन्ना जैसे सुपरस्टार के रहते हुए भी अमिताभ बच्चन दर्शकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने में सफल रहे। इस फिल्म के लिए उन्हें सहायक अभिनेता का फिल्म फेयर पुरस्कार दिया गया।

फिल्म जंजीर ने दिया दूसरा मौका

प्रकाश मेहरा की फिल्म जंजीर करने का मौका मिला जो उनके सिने करियर की महत्वपूर्ण फिल्म साबित हुई इस फिल्म के बाद अमिताभ ने बॉलीवुड में अपनी पहचान बना ली फिल्म जंजीर की सफलता के बाद अमिताभ बच्चन की गिनती अच्छे अभिनेता के रूप मे होने लगी और वह फिल्म उद्योग में एंग्री यंग मैन कहे जाने लगे वर्ष 1975 मे यश चोपड़ा के निर्देशन में बनी फिल्म दीवार ने अमिताभ बच्चन की पिछली सभी फिल्मों के रिकॉर्ड तोड़ दिये और शोले की सफलता के बाद तो उनके सामने सारे कलाकार फीके पडऩे लगे और अमिताभ बच्च्चन फिल्म इंडस्ट्री में सुपर स्टार के सिंहासन पर जा बैठे।

राजनीति में भी रखा कदम

वर्ष 1984 में अपने मित्र राजीव गांधी के आग्रह पर उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया और इलाहाबाद से सांसद का चुनाव लड़ा तथा सांसद के रूप मे चुन लिये गये अमिताभ बच्चन को अधिक दिनों तक राजनीति रास नहीं आई और तीन वर्ष तक काम करने के बाद उन्होंने सांसद के पद से इस्तीफा दे दिया इसकी मुख्य वजह यह थी कि उनका नाम उस समय बोफोर्स घोटाले में खींचा जा रहा था।सासंद के पद से इस्तीफा देने के बाद अमिताभ बच्चन पुन: फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय हो गये ओर उन्होंने फिल्मों में अभिनय करना जारी रखा।

अर्श से फर्श तक की कहानी

लेकिन 1990 के दशक के आखिर में उनकी फिल्में असफल होने लगी जिसके बाद अमिताभ बच्चन ने 1997 तक अपने आप को अभिनय से अलग रखा। वर्ष 1997 में अमिताभ बच्चन ने फिल्म निर्माण के क्षेत्र मे कदम रखा और ए.बी.सी.एल. बैनर का निर्माण किया इसके साथ ही अपने बैनर की निर्मित पहली फिल्म मृत्युदाता के जरिये अमिताभ बच्चन ने एक बार फिर से अभिनय करना शुरू किया इसके बाद वर्ष 2000 में ही टीवी प्रोग्राम कौन बनेगा करोड़पति में भी अमिताभ को काम करने का मौका मिला कौन बनेगा करोड़पति की कामयाबी के बाद अमिताभ बच्चन एक बार फिर से दर्शको के चहेते कलाकार बन गये।

अपनी आवाजा का भी चलाया जादू

अमिताभ बच्चन ने कई फिल्मो में गीत भी गाये है। उन्होंने सबसे पहले वर्ष 1979 में प्रदर्शित फिल्म मिस्टर नटवर लाल में, मेरे पास आओ मेरे दोस्तों गीत गाया था। अमिताभ बच्चन अपने बेमिसाल अभिनय के दम पर आज भी फिल्म इंडस्ट्री में उसी तरह सक्रिय हैं।

2016 में अमिताभ की फिल्म पिंक को मिली बड़ी सफलता

वर्ष 2016 में अमिताभ की फिल्म पिंक प्रदर्शित हुई है पिंक बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुयी और इसके लिये उन्हें कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया अमिताभ की इस वर्ष 102 नॉट आउट प्रदर्शित हुई जो हिट साबित हुई अमिताभ इन दिनों टीवी पर केबीसी को होस्ट कर रहे हैं अमिताभ बच्चन की आने वाली फिल्मों में ठग्स ऑफ हिंदुस्तान और ब्रह्मास्त्र शामिल है।


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