अंधे बच्चे को जन्म देना माँ को पड़ा महंगा

अंधे बच्चे को जन्म देना माँ को पड़ा महंगा

बैतूल : अंधे बच्चे को जन्म देने पर पति ने बच्चे सहित माँ को घर से निकाल दिया हैं। जिसकी शिकायत लेकर माँ पुलिस के पास पहुंची, और न्याय की मांग की। कहते हैं कि पिता बनना संसार का सबसे बड़ा सुख होता हैं। लेकिन भैंसदेही ब्लाक के गोरेगांव में एक ऐसा मामला सामने आया हैं, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया हैं। गोरेगांव की निवासी पूनम ने 6 माह पहले एक अंधे बच्चे को जन्म दिया था। जिसके बाद पति ने पूनम को घर से निकाल दिया हैं। भैंसदेही ब्लाक के गोरेगांव की 25  वर्षीय लड़की पूनम की शादी पांच साल पहले कोंडरगांव के रहने वाले प्रताप के साथ हुई थी। इनकी एक 3 साल की बेटी और 6 माह का बेटा हैं। बेटे का नाम कोमल हैं जो जन्म से ही नहीं देख पाता हैं। जिसके लिये प्रताप उसे ताने देता रहता हैं। रोज ताने सुन-सुनकर पूनम तंग आ गयी थी। फिर भी सब कुछ चुपचाप सुनती रहीं। प्रताप ने बीते दिनों पूनम को घर से निकाल दिया। इसके बाद वह माता- पिता के पास गोरेगांव आ गयी। अब न्याय पाने के लिये पुलिस के पास गयी। पीड़िता की बात सुन कर झल्लार पुलिस के थाना प्रभारी गोविंद सिंह राजपूत का दिल पिघल गया और पूनम के अंधे बेटे कोमल के आंखों के इलाज और उसे गोद लेने के लिये पूनम को भरोसा दिया। पूनम के माता पिता ने थाना प्रभारी की इस नेक पहल पर उन्हें धन्यवाद दिया। वर्तमान में पूनम उनके माता पिता के पास रह रही हैं।


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