नेत्रदान की अलख जगा कर 118 नेत्रहीनों को दी नई रोशनी

नेत्रदान की अलख जगा कर 118 नेत्रहीनों को दी नई रोशनी

अलीराजपुर : नेत्रदान महादान, जी हां, अगर किसी के जीवन में अंधेरा है और उसे आप नई रोशनी देने का काम करते  है, तो ये उसके लिए  एक नया जीवन होता है।  हम बात कर रहे हैं मध्यप्रदेश के पहले प्राइवेट सेक्टर नेत्र संकलन केंद्र की। जिसने महज दो सालों में करीब सौ से अधिक लोगों  को नया जीवन दान दिया हैं। 

अलीराजपुर जिले के जोबट के गायत्री शक्तिपीठ मंदिर जहां लोगों को गायत्री मां के आशीर्वाद के साथ आंखों की रोशनी भी मिलती है। जी हां इस शक्तिपीठ को पूरे मध्यप्रदेश में नेत्र संकलन केंद्र के मामले में पहला प्राइवेट केंद्र की उपाधि मिली है।

साथ ही इस केंद्र ने महज दो साल में अर्धशतक से ज्यादा नेत्र संकलन करके करीब सौ से अधिक लोगों को नया जीवन दान दिया है। इसकी शुरूआत जिले के तत्कालीन कलेक्टर और वर्तमान मध्यप्रदेश शासन के ग्रह मंत्रालय के उपसचिव शेखर वर्मा ने अपने अथक प्रयासों से करवाई थी।

इसका संचालन एक 75 साल के सेवानिवृत्त  प्राचार्य और वर्तमान गायत्री शक्तिपीठ के संचालक डॉ शिवनारायण सक्सेना ने अपने साथी जेपी शर्मा और आई टेक्नीशियन अजमेर सिंह डावर के साथ शुरू की। इन्होंने मिलकर दिन रात की परवाह ना करते हुए लोगों में नेत्रदान की जागरूकता फैलाते हुए 59 नेत्र संकलन किए। आज इस नेत्र संकलन केंद्र ने पूरे मध्यप्रदेश में एक अलख जगाई है।

 


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