ग्वालियरः फिर एक बार धरती पकड़ आनंद सिंह कुशवाह चुनावी मैदान में

ग्वालियरः फिर एक बार धरती पकड़ आनंद सिंह कुशवाह चुनावी मैदान में

सुनील वर्मा- ग्वालियर संसदीय क्षेत्र से एक बार फिर शहर के दूसरे मदनलाल धरती पकड़ कहे जाने वाले आनंद सिंह कुशवाह रामायणी चुनाव मैदान में है। उन्होंने गुरुवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। 1994 में प्रदेश के पूर्व मंत्री नारायण सिंह कुशवाह द्वारा अपमानित  एवं व्यक्तिगत टिप्पणी से आहत हुए आनंद सिंह तब से ही लगातार चुनाव लड़ते आ रहे हैं। उनका यह 25वां चुनाव है। पार्षद से लेकर राष्ट्रपति तक वह सभी चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन पहले उनकी लड़ाई पूर्व मंत्री और अपने पड़ोसी नारायण सिंह कुशवाह से थी। जिन्हें वह हर कीमत पर हराना चाहते थे।

अब उनका मकसद वास्तव में जनप्रतिनिधि बन कर लोगों की सेवा करना है

2018 में उनकी यह इच्छा पूरी हुई। आनंद सिंह कहते हैं कि बजरंगबली ने उनकी हसरत पूरी की है। 2018 के विधानसभा चुनाव में नारायण सिंह कुशवाह 121 वोटों से कांग्रेस के प्रवीण पाठक से पराजित हुए थे। जबकि उन्हें विधानसभा चुनाव में 125 वोट मिले थे और यह सभी वह नारायण सिंह कुशवाहा के बताए जाते हैं। उनका कहना है कि यदि वे विधायक का चुनाव नहीं लड़ते तो शायद नारायण सिंह कुशवाह एक बार फिर विधायक बनने में कामयाब हो जाते। लेकिन अब उनका मकसद वास्तव में जनप्रतिनिधि बन कर लोगों की सेवा करना है। ग्वालियर के समाधिया कॉलोनी के गेट पर चाय की छोटी सी गुमटी चलाने वाले आनंद सिंह कुशवाह अब तक चुनाव में चार लाख से ज्यादा की राशि खत्म कर चुके हैं। खास बात यह है कि आनंद सिंह अभी तक कोई भी चुनाव जीत नहीं सके हैं और उनकी हर बार जमानत जब्त हो जाती है बावजूद इसके  उनका चुनाव लड़ने के प्रति उनका जज्बा कम नहीं हुआ है।

 


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