शराबखोरी से परेशान महिलाओं ने रैली निकालकर खोला मोर्चा

शराबखोरी से परेशान महिलाओं ने रैली निकालकर खोला मोर्चा

मध्यप्रदेश के सिवनी के निर्मल ग्राम पंचायत जोगीवाडा की जहा शराबबंदी को लेकर ग्राम की महिलाओं ने बीड़ा उठाया है और उनका साथ दे रहे है क्षेत्र के जागरूक नागरिक। इससे पूर्व पंचायत के एक गांव में शराबबंदी का अभियान महिलाओं के द्वारा चलाया गया था जिसमें महिलाओं ने शराब बेचने बनाने और सेवन करने वालों के के लिए अलग अलग तरीके से दंड करने निर्णय लिया गया था जिसमें शराब बेचने वालों को और बनाने वालों को 51 सौ रूपये  रुपए का जुर्माना, गांव में शराब पीकर शोर शराबा करने वाले लोगों के ऊपर 11 सौ रुपए दंड लेने का पंचायत ने निर्णय लिया है। जिसके बाद पंचायत के एक गाव में अपार सफलता मिलने के बाद दूसरे अन्य गांवो में शराब मुक्ति को लेकर महिलाओं ने एक रैली निकालकर शराबबंदी के नारे लगाए और उन्होंने गांव में एक मंच में खड़े होकर शपथ लिया की ना तो घरों में कोई शराब बेचेगा ना ही शराब बनाएगा यदि ऐसा करते हुए कोई पाया जाता है तो पंचायत के द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार उन पर कार्यवाही की जाएगी।

पूर्ण नशाबंदी के लिए कई राज्यों में प्रयास हो रहे हैं खासकर महिलाएं इस क्षेत्र में ज्यादा सक्रिय हैं। कुछ राज्यों में नशाबंदी लागू की गई है परन्तु, कई राज्यों में अब भी कार्यक्रम सफल नहीं हुआ है एक तरफ शराबबंदी के लिए जोरदार प्रयास जारी हैं तो दूसरी तरफ सत्ता तन्त्र राजस्व के मोह व शराब के ठेकेदारों की गिरफ्त में इस कदर जकड़ा हुआ है कि वह तर्क या सामाजिक कल्याण की बातों के प्रति संवेदनाशून्य बना हुआ है और ऐसे में सिवनी की ग्रामीण महिलाओं द्वारा उठाया गया ये कदम शराब ख़ोरी के खिलाफ नींव का पत्थर साबित हो सकता है।

क्षेत्रीय विधायक दिनेश राय मुनमुन ने भी महिलाओं की इस कदम की सराहना करते हुए बधाई दी है इतना ही नही महिलाओं को सशक्त बनाते हुए अवैध शराब को पकड़वाने के लिए भी पुरूस्कार देने की बात कही साथ ही विधायक ने महिलाओं को डंडे देने की बात भी कही ताकि शराब पीकर हुड़दंग मचाने वालो की खबर ली जा सके।


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