मध्य प्रदेश लोकायुक्त ने आयकर विभाग के छापों की जानकारी शेयर करने से किया साफ़ मना

मध्य प्रदेश लोकायुक्त ने आयकर विभाग के छापों की जानकारी शेयर करने से किया साफ़ मना

मध्य प्रदेश लोकायुक्त ने सूचना का अधिकार (RTI) कानून के तहत एक उपधारा में छूट का हवाला देते हुए मध्य प्रदेश की कमालात सरकार के भ्रष्ट कर्मचारियों के विरुद्ध आयकर विभाग के छापों की जानकारी शेयर करने से साफ़ मना कर दिया है। आरटीआई कार्यकर्ता अजय दुबे ने लोकायुक्त से इनकम टैक्स के छापों से संबंधित जानकारियां मांगी थी।

सूचना को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता

अजय दुबे ने अन्य सूचनाओं के साथ उसके द्वारा जुलाई 2017 तक दर्ज किए गए भ्रष्टाचार के मामलों की जानकारियां भी मांगी थी। जिसके बाद लोकायुक्त ने अपना जवाब देते हुए कहा है कि सूचना ‘‘सवाल-जवाब’’ फॉर्मेट में मांगी गई है, इसलिए वह दी नहीं जा सकती। लोकायुक्त ने सूचना का अधिकार (आरटीआई) कानून की धारा दो (एफ) का हवाला देते हुए कहा कि जो सूचना मांगी गई वो इस पारदर्शिता कानून के अंतर्गत नहीं आती है। उन्होंने कहा है कि उपरोक्त कारणों से सूचना नहीं दी जा सकती है। भ्रष्ट सरकारी कर्मचारियों के विरुद्ध छापों से संबंधित इनकम टैक्स द्वारा दी गई सूचना पर जानकारियां शेयर करने पर एक सवाल के जवाब में लोकायुक्त ने कहा है कि सूचना को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता, क्योंकि जांच शाखा विशेष पुलिस प्रतिष्ठान (एसपीई) को ऐसी जानकारियों का खुलासा करने पर इस कानून के तहत छूट मिली हुई है।


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