शिक्षक ने मौत के बाद भी पढ़ाया लोगों को जिंदगी का पाठ, शरीर के कई अंग कर गये दान

शिक्षक ने मौत के बाद भी पढ़ाया लोगों को जिंदगी का पाठ, शरीर के कई अंग कर गये दान

32 महीने में यह 32 वां मौका है जब शहर में ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया ग्राम रतावती के स्कूल में पढ़ाने वाले राजेंद्र भागवत 39 पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने इंदौर आए थे 14 जून को वे पिता के साथ बाइक से लौट रहे थे पीथमपुर चौपाटी के पास अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी पिता-पुत्र घायल हो गए राजेंद्र को पहले एमवायएच और फिर सीएचएल अस्पताल में भर्ती कराया गया उनके सिर में गंभीर चोट आई थी 15 जून शाम करीब 6.35 बजे डॉक्टरों ने राजेंद्र को पहली बार ब्रेन डेथ घोषित किया।

रात करीब 12.55 बजे जब उन्हें दोबारा ब्रेन डेथ घोषित किया गया मुस्कान ग्रुप के सेवादार जीतू बागानी और इंदौर सोसायटी फॉर आर्गन डोनेशन के सदस्यों ने परिजन की काउंसलिंग कर अंगदान के लिए तैयार किया शनिवार रात 10.15 बजे ग्रीन कॉरिडोर बनाकर राजेंद्र की एक किडनी चोइथराम अस्पताल में भर्ती उज्जैन निवासी 40 वर्षीय मरीज के लिए रवाना की गई दूसरी किडनी सीएचएल अस्पताल में भर्ती उज्जैन निवासी 38 वर्षीय मरीज को लगाई जाएगी।

वही  राजेंद्र के परिवार में माता कोकिला भागवत, पिता जगनदत्तराव, पत्नी मनीषा, बेटा पीयूष 12 और दक्ष 10 हैं मातापिता को बेटे के अंगदान के लिए तैयार करना आसान नहीं था परिजन राजेंद्र का दिल भी दान करना चाहते थे लेकिन शहर में ऐसा कोई मरीज नहीं मिला जिसे दिल ट्रांसप्लांट किया जा सके डॉक्टरों की टीम ने इस संबंध में चेन्नई के अस्पताल से चर्चा भी की लेकिन वहां से बताया गया कि दिल लेने के लिए टीम रविवार शाम के बाद ही इंदौर पहुंच सकेगी ऐसी स्थिति में दिल दान नहीं हो सका परिजन ने राजेंद्र की त्वचा चोइथराम, जबकि आंखें एमआर-9 स्थित एमके इंटरनेशनल अस्पताल में दान की।

 


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