सफेद रेत का काला कारोबार

सफेद रेत का काला कारोबार

अवैध रेत खनन की कहानी प्रदेश की काली किस्मत बन गई है सुशासन की दुहाई देने वालो के हाथ भी इस काली कमाई में शामिल होने के किस्से आये दिन मीडिया की सुर्खियां बनते रहती है सिवनी जिले में रेत माफिया प्रशासन की सुस्त चाल देखकर सक्रिय हो गए हैं जिले के ऊगली थाना अंतर्गत आने वाली हिर्री नदी में महिष्मति कंपनी द्वारा लगातार रेत का अवैध तरीके से खनन किया जा रहा है जिसकी जानकारी जिले में बैठे खनिज अधिकारी आर.पी. कमलेश को नहीं है।

हिर्री नदी में किया जा रहा खनन

मिडिया  के सूत्रों के हवाले से लगातार खबर मिल रही थी कि हिर्री नदी में माहिष्मती कंपनी के द्वारा रात के अंधेरे में पोखलेन मशीन और 20 से अधिक डंपरों की मदद से लगातार रेत का अवैध खनन किया जा रहा है कुछ रेत डंप एरिया में डंप की जा रही है और बाकी के रेत से भरे डंपर परिवहन कर खुले बाजार में बेचे जा रहे  हैं यह पूरा कारोबार लंबे समय से जारी हैं इस पूरी खबर की सत्यता जानने के लिए मीडिया की एक टीम ने जब हिर्री नदी में जाकर देखा तो खबर की सत्यता सामने आ गई  नदी  के किनारे एक पोखलेन मशीन मिली नदी के अंदर करीब 1 किलोमीटर तक सड़क बनाकर रेत खनन करने के प्रमाण भी मिले।

महिष्मति कंपनी करा रही है खनन

बताया जाता है कि पूर्व में यह रेत खदान महिष्मति कंपनी को लीज पर दी गई थी लेकिन कंपनी ने करीब ढाई करोड़ की किस्त खनिज विभाग को जमा नहीं की तो कंपनी पर खनिज विभाग ने प्रतिबंध लगाकर रेत खनन पर रोक लगा दी बावजूद इसके लंबे समय से महिष्मति कंपनी रात के अंधेरे में हिर्री  नदी पर अवैध तरीके से रेत का खनन कर रही है और खनिज विभाग आंखें मूंदे सो रहा है l

एक वर्ष से हो रहा है यह काम

समाजसेवी चीकू सक्सेना ने आरोप लगाया कि महिष्मति कंपनी पर शासन और प्रशासन मेहरबान है तभी कंपनी लगातार करीब 1 वर्ष से अवैध तरीके से  नदी से रेत का खनन कर रही है जबकि कंपनी के ऊपर करीब ढाई करोड रुपए बकाया है।

अधिकारी नही दे रहे जवाब

मीडिया ने जब जिले में बैठे खनिज अधिकारी आर पी कमलेश से इस पूरे मुद्दे पर जवाब जानना चाहा तो अधिकारी महोदय के पास मीडिया को संतुष्ट करने वाले जवाब नहीं थे अधिकारी महोदय ने गोलमाल जवाब देकर मीडिया के सवालों से बचने के लिए अपनी कुर्सी छोड़ भाग चले जाना ही उचित समझा।

 


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