झोलाछाप डॉक्टर के चलते मासूम ने गंवाई जान

झोलाछाप डॉक्टर के चलते मासूम ने गंवाई जान

रायसेन जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था के क्या हाल है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बड़े नगरों में आज भी इलाज के लिए झोला छाप डॉ. सहारा बने हुए हैं भले ही इन झोलाछाप डाक्टरों के इलाज से किसी की मौत क्यों ना हो जाए। लचर स्वास्थ्य व्यवस्था के चलते आज फिर एक बेटी की जान इसी झोला छाप डॉ (बंगाली) के इलाज से चली गयी है।

बता दें रायसेन जिले के सबसे बड़े नगर बरेली में जहां इलाज के दौरान 10वी क्लास की छात्रा प्राची सोनी की मौत हो गयी वहीं गुस्साए परिजनों ने डॉक्टर अधिकारी क्लीनिक पर तोड़ फोड़ की और लाश को रखकर कुछ देर जाम लगाया एनएच 12 कुछ समय के लिए जाम रहा वही सड़क पर पुलिस बल किया तैनात किया गया।

रायसेन जिले के बरेली में हुई यह घटना जहां ग्राम भगदेही की प्राची सोनी को सीने में इंफेक्शन होना जानलेवा हो गया डॉक्टर बंगाली के पास आज सुबह प्राची को लाये थे जहां उसका छोटा सा आॅपरेशन किया और उसके फोड़े से मवाद निकाली इसके बाद परिजन प्राची को लेकर बापिस गांव चले गए लेकिन शाम को प्राची की तबियत खराब होने से बापिस बरेली लेकर आये जहां पहले से इलाज कर रहे डॉक्टर बंगाली ने दो बोतल लगाई लेकिन प्राची की हालत नही सुधरी 

डॉक्टर ने उसे सरकारी अस्पताल रैफर किया जहां रास्ते मे प्राची ने दम तोड़ दिया गुस्साए परिजनों और भीड़ ने डॉक्टर के क्लीनिक पर तोड़ फोड़ की, डॉक्टर बंगाली का यह पहला मामला नही है एक साल पहले भी एक महिला की मौत हुई थी वावजूद इसके इस डाक्टर पर कोई कार्यवाही नही हुई थी।

एस एस मुकाती टी आई बरैली का कहना है कि सुबह 11 बजे प्राची को परिजन लेकर आये थे उसे सीने में इंफेक्शन की शिकायत थी जिसका आॅपरेशन डॉक्टर ने किया शाम को फिर तबियत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गयी पीएम रिपोर्ट आने पर कार्यवाही की जाएगी।


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