उन्नाव दुष्कर्म केस : यूपी सरकार से प्रोग्रेस रिपोर्ट नहीं मांगेगी सुप्रीम कोर्ट

उन्नाव दुष्कर्म केस : यूपी सरकार से प्रोग्रेस रिपोर्ट नहीं मांगेगी सुप्रीम कोर्ट

उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता और उसके परिवार के खिलाफ दर्ज अन्य 20 मामले की प्रोग्रेस रिपोर्ट यूपी सरकार से मंगवाने के लिए सर्वोच्च न्यायालय ने इनकार कर दिया है। शीर्ष अदालत ने कहा है कि हम इस मामले के दायरे को और अधिक नहीं बढ़ाना चाहते और अन्य मामले में हस्तक्षेप नहीं करना चाहते हैं। 

उल्लेखनीय है कि इससे पहले उन्नाव दुष्कर्म मामले में दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने MLA कुलदीप सेंगर के खिलाफ दुष्कर्म, पॉक्सो, अपहरण की धाराओं में आरोप निर्धारित किए हैं। इससे पहले अदालत की तरफ से जारी प्रोडक्शन वारंट के बाद कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में हाजिर किया गया था, जिसके बाद न्यायालय ने सेंगर को तिहाड़ जेल में ट्रांसफर कर दिया था। शीर्ष अदालत ने पांच मामले में से रोड एक्सिडेंट को छोड़कर बाकी चार मामले को तीस हजारी कोर्ट में ट्रांसफर करने का आदेश दिया था। तीस हजारी कोर्ट को 45 दिन में ट्रायल पूरा करना है।

बता दें कि 28 जुलाई को दुष्कर्म पीड़िता अपने पारिवारिक सदस्यों और वकील के साथ अपने चाचा से मिलने के लिए रायबरेली जेल जा रही थी। तभी रायबरेली में उसकी कार को एक ट्रक ने जबरदस्त टक्कर मार दी। इस हादसे में पीड़िता की चाची, मौसी और कार ड्राइवर की मौत हो गई, जबकि खुद पीड़िता और उनके वकील की हालत नाजुक है। दोनों दिल्ली के एम्स में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं।


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