नदियों की सफाई को लेकर सरकार हुई गंभीर, अभियंता को किया निलंबित

नदियों की सफाई को लेकर सरकार हुई गंभीर, अभियंता को किया निलंबित

2018 तक आते आते सरकार अब नदियों की सफाई को लेकर पूरे तरीके से गंभीर दिखाई दे रही है। सरकार नदियों की स्वच्छता एवं पुनर्जीवीकरण के प्रति इतनी गंभीर हो चुकी है कि उसने हरिद्वार सीवरेज प्लांट के संचालन में काफी अनियमितता पाए जाने के बाद शासन ने हरिद्वार जल संस्थान के कनिष्ठ अभियंता को बाहर का रास्ता दिखा दिया। निलंबन के साथ सहायक अभियंता को चार्जशीट भी थमा दी गईं। जबकि ठेकेदार का कांटेक्ट निरस्त करते हुए उसे ब्लैकलिस्टेट कर दिया गया है।

गौरतलब है कि जब 21 व 22 दिसंबर 2017 को राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के अधिकारियों द्वारा हरिद्वार की सीवरेज परियोजनाओं का निरीक्षण किया गया था और यह उसका ही परिणाम है।

इस निरीक्षण के दौरान क्लोरीन कॉटेक्ट टैंक में पानी रुका पाया गया, इसी तरह सीवेज पंपिंग स्टेशन पीडब्लयूडी नाले का निरीक्षण करने पर सीवेज पंपिंग स्टेशन में स्थापित चार पंपों में से सिर्फ एक पंप चालू पाया गया है। ड्रेन लीक हो रही थी जिस कारण सीवर का गंदा पानी सीधे अपर गंगा कैनाल में जा रहा था।

इसे घोर लापरवाही माना गया और निरीक्षण करने वाले अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर शासन ने शुक्रवार को जल संस्थान हरिद्वार के सहायक अभियंता अब्दुल रशीद को निलंबित कर दिया है। और जूनियर इंजीनियर रवि कुमार को कार्यमुक्त कर दिया गया है। और सहायक अभियंता से 15 दिनों में जवाब मांगा है।


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