Aug 16, 2022
मध्यप्रदेश के ज्यादातर शहरों में तेज बारिश हो रही है। नर्मदा, चंबल, बेतवा, ताप्ती, शिप्रा उफान पर हैं। छोटी नदियां और नाले भी उफनाए हुए हैं। कई बांधों के गेट खोलने पड़ गए हैं। भोपाल में दो दिन से लगातार बारिश के कारण भोपाल कलेक्टर अविनाश लवानिया ने आज सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों की छुट्टी कर दी। भोपाल के तीनों बांध कलियासोत, भदभदा और कोलार के गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। भोपाल में रविवार शाम से अभी तक 6 इंच पानी गिर चुका है। इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर में भी रुक-रुक कर बारिश हो रही है। अशोकनगर में बेतवा पर बने राजघाट बांध के सभी 18 गेट खोले गए हैं। मध्यप्रदेश-उत्तरप्रदेश को जोड़ने वाले रास्ते पर 8 फीट पानी है। रोड पर ट्रैफिक रोक दिया गया है।
प्रदेश में 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश रायसेन में 7 इंच रिकॉर्ड हुई। रायसेन की निचली बस्तियों में पानी भर गया, पेट्रोल पंप डूब गया। मंदसौर में शिवना नदी उफनाने से पशुपतिनाथ मंदिर में पानी आ गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कलेक्टर्स से प्रदेश के सभी बांधों के जलस्तर की जानकारी ली है। मुख्यमंत्री ने नर्मदापुरम कमिश्नर के साथ ही भोपाल, रायसेन, विदिशा, सीहोर कलेक्टरों से बात करके बारिश से प्रभावित इलाकों की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।
बीते 24 घंटो में ये बने हालात
बीते 24 घंटे के दौरान सबसे ज्यादा बारिश रायसेन में 7 इंच हुई। पचमढ़ी और भोपाल में साढ़े 5 इंच, नर्मदापुरम, सागर में साढ़े 3-3 इंच, ग्वालियर, मंडला, नरसिंहपुर में 3-3 इंच, गुना, जबलपुर, बैतूल, दमोह, रतलाम, शिवपुरी में 2-2 इंच, उज्जैन में डेढ़ इंच पानी गिरा। सिवनी, खंडवा, उमरिया, मलाजखंड, छिंदवाड़ा, नौगांव, धार में 1-1 इंच बारिश हुई। इंदौर, खरगोन और दतिया में आधा-आधा इंच बरसात हुई। सतना, रीवा, खजुराहो और सीधी में भी बारिश हुई।
भोपाल, नर्मदापुरम् में स्कूलों की छुट्टी
भोपाल में लगातार दो दिन से तेज बारिश हो रही है। सोमवार रातभर से अभी तक बारिश का दौर जारी है। भोपाल कलेक्टर अविनाश लवानिया ने अत्यधिक बारिश को देखते हुए सभी शासकीय और अशासकीय स्कूलों में आज मंगलवार 16 अगस्त का अवकाश घोषित किया है। राजधानी में 1 जून से अब तक सामान्य से 75% ज्यादा पानी गिर चुका है। सामान्य तौर पर अब तक 24 इंच बरसात होना चाहिए थी, लेकिन पानी 20 इंच ज्यादा गिर चुका है।
नर्मदापुरम में भी सभी प्राइवेट और सरकारी स्कूलों की छुट्टी कर दी गई है। यहां नर्मदा खतरे के निशान से सिर्फ 1.2 फीट नीचे 966 फीट पर बह रही है। निचली बस्तियों में पानी आने लगा है। लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा है। तवा डैम के गेट खोलकर भी पानी छोड़ा जा रहा है। नर्मदापुरम शहर का हरदा और बैतूल से संपर्क टूट गया है। औबेदुल्लागंज-बैतूल नेशनल हाईवे पर सुखतवा नदी के पुल पर पानी है, जिससे करीब 11 घंटे से NH-69 बंद है। नर्मदापुरम- हरदा स्टेट हाईवे पर हथेड़ नदी पर बाढ़ का पानी आने से मार्ग बंद हो गया। बाढ़ के खतरे को देखते हुए अफसरों ने संजय नगर, आदमगढ़, महिमानगर, बंगाली कॉलोनी, खोजनपुर के रहवासियों को राहत शिविर में पहुंचने की मुनादी कराई है। राजगढ़ और सीहोर में भी स्कूलों की छुट्टी कर दी गई है।
बरगी डेम के भी गेट खुलें
नर्मदापुरम में भी सभी प्राइवेट और सरकारी स्कूलों की छुट्टी कर दी गई है। यहां नर्मदा खतरे के निशान से सिर्फ 1.2 फीट नीचे 966 फीट पर बह रही है। निचली बस्तियों में पानी आने लगा है। लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा है। तवा डैम के गेट खोलकर भी पानी छोड़ा जा रहा है। नर्मदापुरम शहर का हरदा और बैतूल से संपर्क टूट गया है। औबेदुल्लागंज-बैतूल नेशनल हाईवे पर सुखतवा नदी के पुल पर पानी है, जिससे करीब 11 घंटे से NH-69 बंद है। नर्मदापुरम- हरदा स्टेट हाईवे पर हथेड़ नदी पर बाढ़ का पानी आने से मार्ग बंद हो गया। बाढ़ के खतरे को देखते हुए अफसरों ने संजय नगर, आदमगढ़, महिमानगर, बंगाली कॉलोनी, खोजनपुर के रहवासियों को राहत शिविर में पहुंचने की मुनादी कराई है। राजगढ़ और सीहोर में भी स्कूलों की छुट्टी कर दी गई है।
जाने आगे क्या सिस्टम बन रहा
वर्तमान में पूर्वी मध्यप्रदेश के ऊपर अति लो प्रेशर जबलपुर से 120 किमी पूर्व में सक्रिय है। जिसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर गतिमान रहने के साथ कमजोर होने की संभावना बनी हुई है। वहीं, पूर्वोत्तर अरब सागर और समीपवर्ती दक्षिणी पाकिस्तान में लो प्रेशर क्षेत्र अभी भी सक्रिय है। मानसून ट्रफ जैसलमेर-गुना से लेकर सागर से होते हुए बालासोर तथा पूर्वोत्तर बंगाल की खाड़ी तक फैला है। साथ ही उत्तर-दक्षिण ट्रफ लाइन कर्नाटक से कोमरीन सागर तक गुजर रही है। दक्षिणी गुजरात से महाराष्ट्र तट तक अपतटीय ट्रफ सक्रिय है। वहीं अफगानिस्तान के आसपास मध्य क्षोभमंडल की पछुवा पवनों के बीच एक ट्रफ के रूप में पश्चिमी विक्षोभ (पाकिस्तान से आने वाली हवाएं) भी अवस्थित है।