यूनानी मेडिकल कॉलेज में शासन के आदेशों का खुलेआम उल्लंघन, नगरीय प्रशासन के आदेश की खुलेआम उड़ाई जा रहीं धज्जियां

यूनानी मेडिकल कॉलेज में शासन के आदेशों का खुलेआम उल्लंघन, नगरीय प्रशासन के आदेश की खुलेआम उड़ाई जा रहीं धज्जियां

अरविंद चौहान : प्रदेश का एकमात्र यूनानी मेडिकल कॉलेज में शासन के आदेशों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है माह के प्रथम कार्य दिवस में शासन के आदेशानुसार राष्ट्रगान के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराने का आदेश नगरीय प्रशासन विभाग ने जारी किये थे लेकिन यूनानी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं चिकित्सक इस आदेश का कोई असर होता दिखाई नही देता है। आमजन में राष्ट्रप्रेम की भावना जगाने और राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान बड़े इसके लिए राज्य शासन ने प्रत्येक शासकीय कार्यालय में माह के प्रथम कार्य दिवस पर सुबह 10:30 से 11:00 के बीच में राष्ट्रगान गाकर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के आदेश जारी किए थे लेकिन प्रदेश का एकमात्र यूनानी मेडिकल कॉलेज में इस आदेश का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है आज माह का प्रथम कार्य दिवस है। 

यूनानी कॉलेज की इमारत पर राष्ट्रीय ध्वज के लिए पोल भी नहीं
इसी के चलते स्वराज एक्सप्रेस की टीम सुबह 10:00 बजे मेडिकल कॉलेज पहुंच गई और इसके बाद 10:00 से 11:00 तक का समय राष्ट्रगान के साथ राष्ट्रध्वज को फहराना होता है। लेकिन वहां के चिकित्सक राष्ट्रध्वज को फहराना तो दूर राष्ट्रीय ध्वज का पोल भी यूनानी कॉलेज की इमारत पर नहीं दिखा। इसके बारे में जब मेडीकल कॉलेज की डीन महबूदा बेगम से पूछा गया तो उन्होंने कैमरे के सामने आने से मना कर दिया तो वही युनानी कॉलेज के प्रोफेसर एवं चिकित्सक डॉक्टर सलीम ने स्वीकार किया है की ध्वज नहीं फहराया जाता। इसके बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।

आदेश को न मानने के साथ राष्ट्रीय ध्वज का अपमान
यह पहला मौका नहीं है की यूनानी मेडिकल कॉलेज में राष्ट्रीय ध्वज को फहराने के आदेश को न मानने के साथ राष्ट्रीय ध्वज का अपमान किया गया हो, ऐसा पिछले कई महीनों से चल रहा है। जहां शासन के आदेश की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं इसकी खबर जब राष्ट्रीय ध्वज प्रेमी संगठन को लगी तो वो लोग भी कॉलेज पहुंच गए और उन्होंने डीन मेहमूदा बेगम से बोल कर विरोध दर्ज कराया। राष्ट्रीय ध्वज प्रेमी संगठन के अध्यक्ष एडवोकेट आर के पांडे ने इसकी लिखित शिकायत थाना चुना मंडी में दर्ज कराई और कहा कि यह राजद्रोह का मामला है चिकित्सक और डीन के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत होना चाहिए। 
 


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