Aug 30, 2022
उत्तराखंड में एसएससी परीक्षा घोटाले के बाद अब विधानसभा में हुई भर्तियों को लेकर प्रदेश में हड़कंप मचा हुआ है। इसी फर्जीवाड़े के लग रहे आरोपों को लेकर प्रदेश की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के खिलाफ आक्रमक रुख अपना लिया है।
इस बीच भाजपा ने भी कांग्रेस के कार्यकाल के दौरान हुई भर्तियों को लेकर पार्टी पर निशाना साधा है।
कांग्रेस ने लगाए वित्त मंत्री पर आरोप
कांग्रेस का आरोप है कि प्रदेश के वित्त मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल ने विधानसभा में अध्यक्ष रहते हुए बड़े स्तर पर घोटाला किया है। नेताओं के रिश्तेदारों और जान-पहचान वालों को विधानसभा में नौकरियां बांटी गयी है। जिसे लेकर इंटरनेट पर अग्रवाल के कार्यकाल की अवधि में हुई 74 भर्तियों की लिस्ट भी वायरल हो रही है।
हालांकि, इसके बारे में पूछे जाने पर वित्त मंत्री अग्रवाल का कहना है कि उनके अध्यक्ष रहने के दौरान विधानसभा में हुई नियुक्तियों में कोई फर्जीवाड़ा नहीं हुआ है। रिपोर्टर्स के पूछने पर अग्रवाल ने कहा, ‘मेरे कार्यकाल में जरूरत के हिसाब से भर्तियां की गयी, जो एक नियमित प्रक्रिया है। इसमें नियमों का सख्ती से पालन किया गया और कोई अनियमितता नहीं हुई। नियुक्तियों से पहले परीक्षा भी ली गई।’
पूर्व सीएम हरीश रावत ने दी मुख्यमंत्री को सलाह
उधर पूर्व सीएम हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर कहा है कि मैं मुख्यमंत्री के बयान की सराहना करता हूं। सारी नियुक्तियों की जांच होनी चाहिए और मैं मुख्यमंत्री जी से आग्रह करना चाहूंगा कि इन नियुक्तियों की अपने स्तर पर भी स्कैनिंग करें जो नियुक्ति नियम और विधि विधान के विरुद्ध हुई है, उन नियुक्तियों को विधानसभा प्रस्ताव पारित करके कैंसिल कर दे। ताकि किसी भी अध्यक्ष को भविष्य में परेशानियों का सामना न करना पड़े। भर्ती घोटाले को लेकर हरीश रावत ने कहा कि 'मेरे इतने साल के करियर में एक ऐसा व्यक्ति बता दीजिए मेरे जान पहचान का जिसे नौकरी दी गई हो! मैंने मदद जरूर की है, लेकिन मैंने नौकरी में किसी के हक को नहीं मारा है। ये एक परंपरा है जिसका पालन मैंने किया है।'








