Aug 26, 2022
उत्तर प्रदेश में यमुना और बेतवा नदी इस समय दहशत का दूसरा नाम बनी हुई है। नदियों के उफान पर होने के कारण शुक्रवार को शहर के कई मोहल्ले और करीब 30 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए। बाढ़ के पानी ने कानपुर-सागर हाईवे तक पैर पसार लिए। इसके चलते पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। साथ ही जनपद में हाई अलर्ट भी जारी कर दिया गया। जिले में यमुना का जलस्तर प्रति घंटे के हिसाब से 30 सेंटीमीटर बढ़ रहा है, वहीं बेतवा 20 सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ रही है।
हाई अलर्ट पर कानपुर
यमुना और बेतवा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जनपद में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। शासन ने डिजास्टर रिलीफ फंड में 74 लाख की धनराशि जारी की है। शुक्रवार को बेतवा नदी का पानी कुंडौरा गांव के आगे ओम हरिहर महाविद्यालय के पास नेशनल हाईवे 34 पर चढ़कर बहने लगा है। इसको देखते हुए महोबा के पत्थर मंडी से आने वाले भारी वाहनों पर भी रोक लगा दी गई है। फिलहाल हाईवे से सिर्फ रोडवेज बसें, फल, सब्जी, दूध के आने-जाने की अनुमति है।
इस कारण बढ़ रहा बाढ़ का खतरा
मौदहा बांध के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर करण गंगवार ने बताया कि गुरुवार सुबह आठ बजे दोनों नदियों में 28.78 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। वहीं शुक्रवार को बेतवा में माताटीला बांध से 1.28 लाख क्यूसेक व राजस्थान के धौलपुर बांध से यमुना में 23.79 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। दोपहर एक बजे यमुना का जलस्तर 107.36 मीटर व बेतवा का 106.82 मीटर पहुंच गया। वहीं शुक्रवार को यमुना में छोड़ा गया पानी 48 घंटे बाद में आ जाएगा, जबकि बेतवा में छोड़ा गया पानी 28 घंटे बाद यहां से पास होगा। इससे दोनों नदियों में करीब डेढ़ मीटर तक बढ़ोतरी होगी। इससे संकट और गहराएगा।
रेड अलर्ट एरिया
कानपुर शहर सहित आसपास के 30 गांव के हजारों लोगों को बाढ़ के पानी के कारण घर छोड़कर राहत शिविरों और हाइवे किनारे डेरा जमाना पड़ा। रेड जोन के 13 गांव केसरिया डेरा, भोला डेरा, रमेड़ी डांडा डिग्गी, ब्रह्मा डेरा, कुछेछा, सूरजपुर, अमिरता, चंदुलीतीर, हेलापुर, कलौलीतीर में घरों तक पानी पहुंच गया है। वहीं, यलो जोन में आने वाले 13 गांवों में रिठौरा, कनौटा, बदनपुर, जमरेही ऊमर, जमरेहीतीर, बचरौली, सिकरौढ़ी, चंदूपुर, कोतूपुर, पटिया व सुमेरपुर के कीरतपुर, बरदहा, सहजना में गलियों तक पानी पहुंच गया।
ग्रीन जोन में ये गांव
जलस्तर 107 मीटर से अधिक होने पर ग्रीन जोन के 64 गांव मनकी कला, मनकी खुर्द, उमराहट, बरुआ, बिलौटा, भौली, भटपुरा, जलाला, पत्योरा, सुरौली बुजुर्ग, बरुआ, भौंरा, बेरी, रानीगंज, बिंदपुरी, इंद्रपुरी, बैजेइस्लामुर, मगरेड़ी, पारा, कंडौर, हरेहटा, क्वेटरा, हमीरपुर, मोराकांदर, परसनी, कुम्हऊपुर, सहुरापुर, पौथिया, नैठी, गिमुहा, बंडेमाफ, बेदोंडांडा, बंधौली, जिटकरी, रतौली, जमौड़ी, अतरौली, चंडौत, बसरिया, रिरुवा बुजुर्ग आदि गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं।








