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नेटवर्क नहीं मिलने से धान खरीदी केन्द्रों में किसान परेशान

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Dec 19, 2016

जांजगीर। जिले में नेटवर्क नहीं मिलने से धान खरीदी केन्द्रों में सही कनेक्टिविटी नहीं मिलने के चलते आन लाईन पंजीयन नहीं हो पा रहे है वही डाटा और रिकार्ड भेजने में भी परेशानी हो रही है. गौरतलब है कि राज्य शासन ने धान खरीदी के दौरान की जाने वाली गड़बड़ी को रोकने के साथ किसानों को धान बेचते वक्त होने वाली परेशानियों से निजात दिलाने के लिए चार साल पहले रनर सिस्टम को बंद कर आन लाइन खरीदी करने का फैसला लिया और सभी खरीदी केन्द्रों में लगे कम्पूटर को ड़ोंगल के माध्यम से नेट से जोड़ दिया.

लेकिन अब यह सिस्टम किसानों के साथ साथ खरीदी केंद्र प्रभारी और कंप्यूटर आपरेटरों के लिए मुसीबत का सबब बन गए हैं. दूरस्थ क्षेत्रो में टावर नहीं मिलने की वजह से ज्यादातर सिस्टम फेल हो गए है जिसके चलते धान की आवक और परिवहन की सही जानकारी नहीं मिल पा रही है. राज्य में 15 नवम्बर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू होने के बाद जांजगीर जिले में धान की बम्पर आवक हो रही है. जांजगीर जिले लगातार चार साल से जीरो शार्टेज दे कर प्रदेश में अव्वल स्थान प्राप्त कर चुका है. लेकिन चार साल पहले तक ऐसे हालात नहीं थे जिस तरह धान की बम्पर आवक होती थी उससे अधिक खरीदी में धांधली बरती जाती थी. चार साल पहले खरीदे गए लगभग 20 करोड़ के धान का अब तक हिसाब नहीं मिल पाया है।

जांजगीर जिले में ही नहीं वरन दूसरे कई जिलो में धान खरीदी में घोटाले सामने आये थे जिससे सबक लेते हुए राज्य शासन ने खरीदी सिस्टम में बदलाव किया और मॉनिटरिंग सिस्टम को इंटरनेट से जोड़ कर आन लाइन करते हुए, सभी खरीदी केन्द्रों को सीधे जिला मुख्यालय सहित रायपुर से जोड़ दिया. इस सिस्टम के तहत प्रति दिन सुबह और शाम इस सिस्टम के माध्यम से जानकारी दी जानी थी लेकिन अब यही सिस्टम मुसीबत बनते जा रहा हैं. दरअसल जांजगीर जिले में कई धान खरीदी केन्द्र ऐसे है जहा नेटवर्क की समस्या रहती है सही नेटवर्क नहीं मिलने से आन लाइन जानकारी भेजने सहित अन्य कार्यो में काफी दिक्कत आ रही है. जांजगीर जिले के 206 धान खरीदी केन्द्रों में लगभग 150 ऐसे खरीदी केंद्र है जहा मोबाइल नेटवर्क ही नहीं है.

ऑटोमेटिक लाक हो रहें हैं कम्पूटर
इस सिस्टम को किसानो के फायदे के लिए लागू किया गया था. लेकिन अब यही सिस्टम किसानों के लिए परेशानी का सबब बन गया है. नेटवर्क नहीं होने की वजह से धान खरीदी की पूरी जानकारी भेजने में जहा कर्मचारियों को परेशानी उठानी पड़ रही है. वही सही जानकारी नहीं मिलने की स्थिति में कम्पूटर ऑटोमेटिक लाक हो रहे हैं. जिसके चलते किसानों के धान तौल और खरीदी नहींहो पा रही। नेटवर्क की समस्या की वजह से किसान और कंप्यूटर आपरेटर दोनों परेशान हैं. सही नेटवर्क नहीं होने के चलते ऑन लाइन जानकारी नहीं जा पा रही हैं. वही इस बात की जानकारी अधिकारियों को नहीं है. ग्रामीण बैंक के नोडल अधिकारी श्रवण सिंह का कहना है की धान खरीदी सुचारू रूप से चल रही है और कनेक्टिविटी समस्या से सम्बंधित कोई शिकायत उनके पास नहीं आई है. दूरस्थ खरीदी केन्द्रों में नेटवर्क नहीं मिलने के कारण खरीदी प्रभावित हो रही है है, लेकिन इस मसले का हल निकलने के बजाय अधिकारी शिकायत मिलने का इंतजार कर रहे हैं. ऐसे में इनकी मॉनिटरिंग व्यवस्था पर सवाल उठना लाजमी है.