प्रदेश में धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत को सहेजने-संवारने में जुटी योगी सरकार

प्रदेश में धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत को सहेजने-संवारने में जुटी योगी सरकार

लखनऊः सुप्रीम कोर्ट द्वारा अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के पक्ष में फैसला देने के बाद दुनिया-देश की निगाहें इस पावन धर्मनगरी पर है। यहां के विकास के लिए लंबा-चौड़ा खाका बना रही सरकार ने हवाई अड्डे के लिए पांच सौ करोड़ रुपये का बजट आवंटित कर संदेश दे दिया है कि रामनगरी से धार्मिक पर्यटन को सरकार नई उड़ान देना चाहती है। धार्मिक-सांस्कृतिक पर्यटन के एजेंडे में सरकार काशी और मथुरा को भी साथ लेकर चली है। आपकी जानकारी के लिए बता दे कि पर्यटन के अकूत खजाने से संपन्न प्रदेश में योगी सरकार धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत को सहेजने-संवारने में जुटी है।

हवाई अड्डे के लिए 500 करोड़ रुपये आवंटित किए

2017 से ही धार्मिक स्थलों पर नजर रखने वाली सरकार ने इस बार भी बजट से भी पर्यटन के सहारे धर्मध्वजा फहराने के लिए कदम बढ़ाया है। मंदिर-मस्जिद के विवाद में दशकों तक घिरी रही अयोध्या अवस्थापना सुविधाओं से पूरी तरह अछूती रही। राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त होने के बाद विकास का रास्ता भी खुल गया है, जिस पर सरकार को कदम बढ़ाने हैं। यह संभावित था कि यहां के विकास के लिए बजट में प्रावधान होगा। अन्य विकास योजनाएं तो अभी बनाई जा रही हैं, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यहां हवाई अड्डा बनाने की घोषणा पहले ही कर चुके थे। लिहाजा, हवाई अड्डे के लिए 500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा पर्यटकों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 85 करोड़, तुलसी स्मारक भवन के लिए 10 करोड़ रुपये दिए गए हैं।


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