कुंडली के दोषों को कैसे करें दूर, जानिए!

कुंडली के दोषों को कैसे करें दूर, जानिए!

ज्योतिषशास्त्र में सूर्य को सभी ग्रहों का राजा माना जाता है। सूर्य की ही शक्ति से सभी ग्रह चलायमान होकर व्यक्ति के भाग्य की रूपरेखा तैयार करते हैं। इसी कारण अगर पूरे मन से सूर्यदेव की आराधना की जाए तो कुंडली में विद्यमान ग्रहों का नकारात्मक असर खत्म हो जाता है और सफलता के द्वार खुल जाते हैं।

हिंदू धर्म के अनुसार रविवार को सूर्य का वार माना जाता है। इस दिन भगवान सूर्य की आराधना करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। इस दिन सूर्यदेव की आराधना करने के बाद दान-पुण्य करने बड़े से बड़ा अशुभ भी टल जाता है।

अगर किसी की कुंडली में गरीबी, निर्धनता और शत्रुओं से बार-बार हारना लिखा हो तो ऐसे व्यक्ति को सूर्य की आराधना करनी चाहिए। सूर्य की आराधना करने से कुंडली से ये सभी दोष दूर हो जाते हैं। वहीं यदि नौकरी में प्रमोशन नहीं मिल रहा हो तो सूर्य उपासना करने से उसे जल्दी ही प्रमोशन मिल जाता है।

किसी व्यक्ति को अगर बीमारी ने घेर रखा हो और बीमारी ठीक होने का नाम ही नहीं ले रही हो तो रविवार के दिन भगवान सूर्य की मन लगाकर पूजा करें। बीमारी जल्द ही ठीक हो जाएगी।  

रविवार के दिन सुबह उठकर स्नान करके एक तांबे के लोटे से सूर्य देव को गायत्री मंत्र बोलते हुए जल अर्पित करें। जल अर्पित करते समय लोटे से नीचे गिरते पानी से सूर्यदेव के दर्शन करें। इसके बाद आदित्य ह्रदयस्त्रोत का पाठ करके गायत्री मंत्र का 108 बार जाप करें।
इस तरह पूजा करने से बुरे से बुरा समय भी टल जाता है। इस छोटे से उपाय से एक बार मृत्यु को भी टाला जा सकता है। 


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