बीएसएफ ने सिविक एक्शन के तहत ग्रामीणों को किया सामान वितरण

बीएसएफ ने सिविक एक्शन के तहत ग्रामीणों को किया सामान वितरण

कांकेर। कांकेर जिले के नक्सल प्रभावित मारबेड़ा गांव में सीमा सुरक्षा बल यानी बीएसएफ की 121वीं वाहिनी ने सिविक एक्शन कार्यक्रम के तहत गांववालों को रोजमर्रा के सामानों का वितरण किया गया। बीएसएफ के सामरिक क्षेत्रीय मुख्यालय दुर्ग के कमांडेंट सुभाष चंद्रा, 121वी बटालियन के कमांडेंट मोहिंदर लाल और पखांजुर एसडीओपी शोभराज अग्रवाल ने ग्रामीणों को दैनिक उपयोग के सामान दिए।

इस कार्यक्रम में 11 गांवों के लोगों ने शिरकत की। कमांडेंट सुभाष चंद्रा ने कहा कि नक्सलियों के कारण गांववालों को परेशानी उठानी पड़ती थी। लेकिन सीमा सुरक्षा बल के जवानों के प्रयास से इलाके में सक्रिय माओवादियों की जड़े कमजोर हुई है। और यहाँ के माओवादी बैकफुट पर है। जल्द ही नक्सलियों का खात्मा होगा और इलाके में शांति बहाली हो सकेगी।

बीएसएफ की 121वी वाहिनी के कमांडेंट मोहिंदर लाल ने ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी और नशाखोरी से बचने के लिए कहा। उन्होंने नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा में वापस लौटने की अपील की। उन्होंने कहा कि नक्सलियों को हथियार छोड़कर राष्ट्र की मुख्यधारा से जुड़ना चाहिए। इसके लिए सरकार ने पुनर्वास नीति बनाई है उसका लाभ उठाये।

सिविक एक्शन कार्यक्रम में ग्रामीणों को ठंड से बचने के लिए कंबल और गर्म कपड़े दिए गए। वहीं, मलेरिया बुखार से बचने के लिए मच्छरदानी दिया गया। ग्रामीण इलाकों से आये युवाओं और बच्चों को फुटबॉल, वॉलीबॉल और क्रिकेट मैच खेलने के लिए खेलकूद सामग्री और पोशाक दिया गया। ग्रामीणों की मांग पर मनोरंजन के लिए ढोलक, तबला, हारमोनियम और साउंड सिस्टम उपलब्ध कराया गया। मूलभूत सुविधाओं से मरहूम गांववालों को अंधेरे में रात गुजारना पड़ता है उन्हें अंधेरे से मुक्ति मिल सके इसके लिए सोलर लैम्प्स दिया गया। महिलाओं को साड़ी, शॉल, जूता-चप्पल, बारिश से बचने के लिए छाता और नदियों के आसपास बसे ग्रामीणों को लाइफ जैकेट दिया गया।

पति की मौत के बाद जीवन यापन करने में कठिनाई का सामना कर रही महिलाओं को सिलाई मशीन दिया गया, जिससे उनका बेहतर तरीके से जीवन निवर्हन हो सके। ग्रामीणों ने पेयजल समस्या से अवगत कराया जिसपर बीएसएफ ने पानी टंकी दिया है। इसके अलावा खाना बनाने के लिए भी ग्रामीणों को बर्तन, थाली ग्लास दिया गया है।

मारबेड़ा के अलावा जुनावर, सीतरम, बुर्गी, बेनूर, रांगवाही और परलकोट विलेज 93 से आये बच्चों ने देशभक्ति गीत पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति से लोगों का मन मोह लिया। आदिवासी समुदाय के बच्चों ने एक से बढ़कर एक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। वहां मौजूद अफसरों और ग्रामीणों ने बच्चों का हौसला बढ़ाया। ग्रामीणों के लिए निशुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। जिसमें मुख्य चिकित्सा अधिकारी (एस जी) डॉक्टर आनंद कृष्णा द्वारा ग्रामीणों की जांच की गई और निशुल्क दवाइयां उपलब्ध कराई गई। ग्रामीणों को मौसमी बीमारियों से बचने और रोकथाम के उपाय बताये गए।


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