Aug 31, 2018
निमिष तिवारी : छत्तीसगढ़ सरकार हर तबके तक विकास पहुंचाने का दावा करती है गरीबों के लिए सरकार द्वारा कल्याणकारी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है लेकिन इसी सरकार के राज में बागबाहरा ब्लॉक का एक परिवार ऐसा भी है जो प्रशासन से इच्छा मृत्यु की मांग कर रहा है इस परिवार को प्रशासनिक लापरवाही की वजह से योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है, लिहाजा अब गुहार लगा लगा के थक चुका यह परिवार दर-दर भटकने और रोज मरने के बजाय एक बार मरने के लिए कलेक्टर से इक्छा मृत्यु की गुहार लगा रहा है।
प्रशानिक लापरवाही के चलते परिवार को नहीं मिल पा रहा योजना का लाभ
सब का साथ सब का विकास की बात करने वाली सरकार यूं तो आम लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने का दावा करती है गरीबों के लिए योजनाएं लाने और योजनाओं का लाभ दिलाने का भी दावा करती है लेकिन जमीनी हकीकत ये है कि प्रशानिक लापरवाही के चलते कुछ लोगों को इन्हीं योजनाओं का लाभ नहीं मिल पानें की वजह से वे लोग दर-दर की ठोकरें खानें को मजबूर हैं, और अपनें पूरे परिवार के साथ इक्छा मृत्यु की मांग कर रहे हैं।
मामला महासमुंद जिले के विकासखंड बागबहरा के ग्राम नरतोरी का है जहां देवकुंवर चक्रधारी अपने दो बच्चे और पति के साथ रहती है परिवार आर्थिक रूप से बहुत ही गरीब है एक झोपड़ेनुमा घर छोड़कर जमीन जायदाद कुछ भी नहीं है। मजदूरी करके ही परिवार चल रहा है 2011में हुई जनगणना के समय पीड़ित परिवार मजदूरी का काम करनें बाहर चला गया था जिसके चलते इनका नाम सर्वे सूची में नहीं आ सका इसका खामियाजा ये पूरा परिवार पिछले 7 सालों से भुगत रहा है।
परिवार लगा रहा सरकार से गुहार
राशन कार्ड और स्मार्ट कार्ड के नहीं बन पानें के कारण इन्हें सरकार की किसी भी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है महिनें पहले देवकुंवर चक्रधारी को चिकित्कीय जांच में पता चला कि उसके पेट में टयूमर है पहले तो पूरा परिवार रोजी मजदूरी का जमा पैसा ईलाज में खर्च किया। लेकिन डॉक्टरों नें 5 लाख रूपए का खर्च बता दिया साथ ही राशन कार्ड और स्मार्ट कार्ड ना होनें की वजह से सरकारी अस्पताल समेत सारी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिला। पूरा परिवार जनप्रतिनिधि से लेकर अधिकारी और नेताओं तक मदद की गुहार लगा-लगाकर थक चुका है लिहाजा पूरा परिवार प्रशानिक बेरूखी का दंश लगातार झेल रहा है। मदद का हर रास्ता बंद हो जानें के बाद लाचार और बेबस परिवार अब तहसील कार्यालय बागबहरा में कलेक्टर के नाम पत्र लिखकर पूरे परिवार के साथ इक्छा म्रत्यु की मांग कर रहा है।
सरकारी योजनाओं से वंचित परिवार
सरकारी योजनाओं से वंचित हो रहे इस परिवार के पूरे मामले में कांग्रेस सरकार को घेरने में लगी है और सरकार को जमीनी हकिकत से दूर होने के साथ भ्रष्टाचार की सामाग्री बांटने में मस्त होना बता रही है साथ , इन सब के लिए सरकार की नीति और उनकी व्यवस्थाओं को जिम्मेदार बता रही है। आपको बता दें की चार सदस्यों का चक्रधारी परिवार जिसमें 16 वर्षीय रेनू, 5 वर्षीय राहूल और माता देवकुंवर और पति मूलचंद चक्रधारी हैं जिसका भरण पोषण 16 वर्षीय रेऩू मजदूरी कर कर रही है इनके आवेदन में प्रशानिक बयान भी सरकारी ही है और ओहदे पर बैठे अधिकारी नियम के तहत नाम जोड़े जाने का हवाला देने के साथ तमाम योजनाओं का लाभ मिलने की बात कर रहे हैं साथ इच्छा मृत्यु की मांग के आवेदन की सूचना पुलिस को देने की बात कर रहे हैं।








