रायपुरः बीजेपी विधायक दल भीमा मंडावी के परिजनों से मिलने दंतेवाड़ा रवाना हुआ

रायपुरः बीजेपी विधायक दल भीमा मंडावी के परिजनों से मिलने दंतेवाड़ा रवाना हुआ

आशीष तिवारी- लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण के मतदान के बाद तमाम राजनीतिक दलों के लोग नतीजें आने के इंतजार में बैठे हैं। ठीक इस बीच बीजेपी ने दंतेवाड़ा उप चुनाव की तैयारियों को लेकर प्रारंभिक चर्चा का दौर शुरू कर दिया है। शायद यही वजह है कि दंतेवाड़ा विधायक रहे भीमा मंडावी की नक्सल हमले में हुई मौत के बाद बीजेपी विधायक दल अब उनके परिजनों से मिलने दंतेवाड़ा रवाना हुआ है।

बता दें कि बस्तर लोकसभा चुनाव के ठीक चंद घंटों पहले नक्सल हमले में बीजेपी विधायक भीमा मंडावी की मौत हो गई थी। चूंकि दंतेवाडा़ में अब उपचुनाव होना बाकी है। ऐसे में चर्चा है कि भीमा मंडावी की पत्नी ओजस्वी मंडावी बीजेपी की उम्मीदवार बनाई जा सकती हैं।

दंतेवाड़ा उप चुनाव को लेकर किसी तरह की रणनीति पर चर्चा हो रही

बस्तर में बीजेपी की एकमात्र सीट दंतेवाड़ा ही थी, लिहाजा पार्टी की कोशिश इस बात को लेकर है कि इस सीट पर बीजेपी का वर्चस्व बरकरार रहे। भीमा की पत्नी को उतारे जाने के पीछे एक समीकरण यह भी नजर आता है कि सहानुभूति लहर बनाकर बीजेपी बड़ा जनाधार अपने पक्ष में बिठा ले। हालांकि तमाम सियासी गणित के बीच बीजेपी इस बात से इंकार कर रही है कि फिलहाल उप चुनाव को लेकर किसी तरह की रणनीति पर चर्चा हो रही है।

भीमा के परिजनों से मुलाकात करना हमारी प्राथमिकता

दंतेवाड़ा रवाना होने से पहले नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि बीजेपी विधायक दल के सदस्य दंतेवाड़ा जा रहे हैं। भीमा मंडावी के निवास में जाएंगे। परिवार के साथ मिलकर बातचीत करेंगे। यह बड़ी घटना थी। फ्यूनरल में हम गए थे। हमने तय किया कि हमारे साथी थे, लिहाजा ऐसी स्थिति में हमें लगा कि हम परिवार के बीच जाकर चर्चा करेंगे।

उप चुनाव की चर्चा नहीं है। अभी लोकसभा के परिणाम नहीं आए हैं। उप चुनाव को लेकर नोटिफिकेशन भी नहीं हुआ है। बीजेपी परिवार है, वह हमारे सदस्य थे, इसलिए उनके बीच जाकर मुलाकात करना हमारी प्राथमिकता है। यह चुनावी दृष्टिकोण नहीं है।

भीमा हमारे अभिन्न साथी थे

इधर बीजेपी के वरिष्ठ विधायक औऱ पिछली सरकार में मंत्री रह चुके बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि चुनाव की रणनीति को लेकर कोई चर्चा नहीं हो रही है। भीमा हमारे अभिन्न साथी थे। दो बार एमएलए रहे। वह असमय नक्सलियों के हमले में शहीद हो गए। आज विधायक दल परिवार को हिम्मत देने दंतेवाड़ा जा रहे हैं। कल परिजनों से मुलाकात कर हालात जानेंगे। परिवार के लिए हम क्या कर सकते हैं, उस बारे में हम विचार करेंगे। हालांकि इधर सियासी चर्चाओं में जरूर उप चुनाव के गणित पर गुणा-भाग का दौर शुरू हो गया है। लोकसभा के नतीजे आने के बाद बीजेपी हो या कांग्रेस दंतेवाड़ा उप चुनाव को लेकर अपनी रणनीतिक बैठकों का दौर तेज करेंगे ही। छत्तीसगढ़ में बीजेपी के पास सिर्फ 15 सीटें हैं, तो कांग्रेस ने 68 सीटों का बडा़ आंकड़ा छूआ है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि दंतेवाड़ा को लेकर कौन सा दल किसे मात देगा।


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