हाई कोर्ट ने झीरम मामले में कांग्रेस का आवेदन किया रद्द

हाई कोर्ट ने झीरम मामले में कांग्रेस का आवेदन किया रद्द


रोहित कश्यप : आज हाई कोर्ट ने झीरम मामले में सुनवाई करते हुए काँग्रेस का आवेदन रदद् कर दिया। दरअसल कांग्रेस ने अपने आवेदन में कहा था की झीरम मामले में पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह,राज्यमंत्री आर पी एन सिंह,तत्कालीन केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे, छत्तीसगढ़ के तत्कालीन गृह मंत्री ननकीराम कंवर व अन्य को गवाही के लिए कोर्ट में बुलाया जाए। जिसकी सुनवाई के बाद आयोग ने आदेश सुरक्षित रख लिया था। बता दें की जस्टिस प्रशांत मिश्रा की अध्यक्षता में आयोग ने सुनवाई की थी जिस पर आज हाइकोर्ट का फैसले में काँग्रेस के उस आवेदन को ही निरस्त कर दिया जिससे कांग्रेस को एक बड़ा झटका लगा है।

मुंगेली के मोतिमपुर धाम पंहुचे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से जब इस बारे पूछा गया तब उन्होंने जवाब दिया की वो आयोग का निर्णय है की उसे किसे गवाही के बुलाना है किसे नही हमारे वकील ने इसकी इसकी मांग जरूर की थी जिसे कोर्ट ने नही माना। वहीं आईपीएस  कल्लूरी के पोस्टिंग को लेकर विपक्ष के हंगामे के सवाल पर CM ने कहा की घुड़सवार के ऊपर निर्भर करता है की घोड़ा कैसे चले रमन सिंह की सरकार अधिकारियों के भरोसे चलती थी लेकिन हमारी सरकार में ऐसा नही होगा कांग्रेस की सरकार जनता के अनुकूल चलेगी और उन्होंने ये भी कहा की मैं आपको विश्वास दिलाता हूं की कोई भी अधिकारी सविधान से ऊपर या अपने कार्य क्षेत्र से ऊपर जाकर कोई काम नही करेगा। वही मोहम्मद अकबर के संसदीय सचिवो की नियुक्ति वाले बयान पर बोले कि अभी ये मेरे विचार में नही है। 

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयानों पर पलटवार करते हुए पत्रकारों से चर्चा करते हुए नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि 
किसानों की ऋण माफी पर सरकार पलटी है। अल्पअवधि ऋण और सहकारी व ग्रामीण बैंक तक यह कर्जमाफी सिमट कर रह गई जबकि सभी किसानों के कृषि ऋण माफ होने चाहिए। 

नेता प्रतिपक्ष ने कल्लूरी की नई पोस्टिंग पर भी पलटवार करते हुए कहा कांग्रेस जिसका विरोध कर रहे थे हटाने के लिए आज उसी को नियुक्त करके यह सिद्ध कर दिया कि भाजपा ने ठीक ही किया था। वहीं झीरम मामले में आयोग द्वारा आवेदन निरस्त होने पर कहा कि आयोग को पता है किसे साक्ष्य के लिए बुलाना है किसे नही जबर्दस्ती किसी को इन्वॉल्व करना ठीक नही है।


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