“कतरे से कंचन” कचरे से पैसे कमाये जा सकते है व् कचरे से रोजगार भी, देखिए यह रिपोर्ट

“कतरे से कंचन” कचरे से पैसे कमाये जा सकते है व् कचरे से रोजगार भी, देखिए यह रिपोर्ट

पुरुषोत्तम पात्रा - वैसे तो कोई कचरे का जिक्र करना अच्छा नही समझता मगर जब यही कचरा कंचन में बदल जाये और लोगो की रोजी रोटी का एक बडा जरिया बन जाये तो इस पर बात करना लाजमि हो जाता है गरियाबंद जिले के राजिम में शासन द्वारा शहर के कचरे को साफ करने और उसका रिसर्कुलेट करने के लिेए मणीकंचन केन्द्र खोला गया है इससे एक और जहां शहरभर का कचरा साफ हो रहा है वहीं दुसरी और शहर के 31 परिवारों को रोजगार मिला हुआ है, यहां काम करने वाली महिलाओं के लिए ये रोजगार का एक बडा जरिया साबित हो रहा है।

कचरे से कम्पोजड खाद तैयार

मणीकंचन केन्द्र की स्थापना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छता अभियान से प्रेरित होकर राज्य सरकार द्वारा सालभर पहले की गयी राजिम नगर पंचायत सीएमओ के मुताबिक मणीकंचन केन्द्र से कचरा बेचकर अबतक 3 लाख रुपये की आमदनी हो चुकी है यही नही शहर में स्वच्छता को भी बढावा मिला है उऩ्होंने बताया कि मणीकंचन केन्द्र में काम करने वाले कर्मचारी सुबह पहले घर घर जाकर कचरा इकट्टा करते है और फिर केन्द्र में लाकर उसके अलग करके व्यपारियों को बेचा जाता है साथ ही गीले कचरे से कम्पोजड खाद भी तैयार किया जाता है।

प्रतिदिन हो रही सफाई से शहर के लोग खुश

शहर में प्रतिदिन हो रही सफाई से शहर के लोग भी खुश है शहरवासियों के मुताबिक रोज सुबह उनके घर से कचरा ले जाया जाता है, साथ ही गलियों और नालियों की सफाई करके उसे भी तुरंत सफाई में लगे कर्मचारी ले जाते है जिससे शहर में सफाई पहले से कही बेहतर हुयी है शहरवासियों ने इस व्यवस्था को निरंतर जारी रखने की मांग की है।

हर शहर खोला जाए मणी कंचन केन्द्र

स्वच्छता अभियान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहली प्राथमिकता में शामिल है केन्द्र और राज्य सरकारें देश को स्वच्छ बनाने में जुटी है इसको लेकर कई योजनायें संचालित की जा रही है सरकार को इसमें सफलता भी मिलती नजर आ रही है मगर इतना तय है कि जब तक कचरे का समाधान नही होगा तब तक सही तरीके से स्वच्छता ला पाना संभव ही नही नामुकिन है बेहतर होगा कि राजिम की तरह देश के सभी शहरों में मणी कंचन केन्द्र खोल दिये जाये ताकि कचरे से मुक्ति भी मिल जाये और रोजगार भी।

 


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