महिलाओं की आत्मरक्षा हेतु पुलिस विभाग ने चलाया गर्जना कार्यक्रम

महिलाओं की आत्मरक्षा हेतु पुलिस विभाग ने चलाया गर्जना कार्यक्रम

राजनादगांव में अपराध को खामोशी से झेल कर सिसकियां भरने वाली बेटियां अब आॅपेरशन गर्जना से सशक्त होकर अपराध और अपराधियों पर गरज रही हैं। पुलिस विभाग के द्वारा महिलाओं को आत्म रक्षा के गुण सिखाने के लिए चलाये जा रहे इस अभियान में बेटियों को मानसिक बल मिल रहा है। 

राजनांदगांव पुलिस विभाग द्वारा महिला को आत्मरक्षा के गुण सिखाने के लिए आॅपरेशन गर्जना चलाया जा रहा है। जिसमें बालिकाओं से लेकर महिलाओं को कराटे का प्ररिशक्षण दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण में महिलाओं को मुसीबत के दौरान स्वयं की रक्षा अपने पास मौजूद किसी भी वस्तु जैन हेयर पिन, पेन, काफी, किताब, पर्स को हथियार के रूप में स्तेमाल करने के तरीके सिखाये जा रहे हैं। इस काम में कायस्थ्य समाज की महिलाएं भी अपना सहयोग कर रही है।       

प्रशिक्षण से बढ़ रहा मनोबल 
पुलिस विभाग के द्वारा दिये जा रहे इस प्रशिक्षण में महिलाओं और बालिकाओं में आत्मविश्वास बढ़ रहा है। इस प्रशिक्षण को प्राप्त करने के बाद महिलाओं को लगने लगा है कि अब वे ऐसे बदमाशों का सामना करने तैयार है। बेटियों को दिये जा रहे इस प्रशिक्षण से उनका मनोबल बढ़ने के साथ ही सुखद अनुभति भी हो रही है ।

सैकड़ों बेटियों को सिखाए आत्मरक्षा के गुण
आॅपरेशन गर्जना के तहत अब तक सैकड़ों बेटियों को आत्मरक्षा के गुण सिखाये जा चुके हैं। पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में आयोजित इस आॅपरेशन गर्जना में बेटियों की दबी आवाज़ अपराध के लिए गरज के साथ निकल रही है। इस मामले मे सीएसपी का कहना है कि आज दौर में महिलाओं को इस तरह का प्रशिक्षण देना जरूरी है। 

शारीरिक क्षमता से ज्यादा आत्मबल की जरूरत
किसी भी लड़ाई के लिए शारीरिक क्षमता से ज्यादा आत्मबल की जरूरत होती है। इसी आत्मबल को बढ़ाने का काम पुलिस विभाग और कायस्थ्य समाज के द्वारा किया जा रहा है। जिससे बेटियों को अपराध और अपराधियों के प्रति लड़ने के लिए मानसिक मजबूती प्राप्त हो रही है। 


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