जीएसटी को लेकर कांग्रेस व्यापारियों के बीच जो भ्रम था वह दूर हो गया है: मप्र संवर्द्धन बोर्ड

जीएसटी को लेकर कांग्रेस व्यापारियों के बीच जो भ्रम था वह दूर हो गया है: मप्र संवर्द्धन बोर्ड

मप्र संवर्द्धन बोर्ड के अध्यक्ष मदन मोहन गुप्ता ग्वालियर प्रवास पर आए हुए है जहां उन्होंने बड़े व्यापारियों से लेकर छोटे व्यापारियों से जीएसटी की परेशानियों को लेकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि जीएसटी को लेकर कांग्रेस ने व्यापारियों के बीच जो भ्रम पैदा करने की कोशिश की थी, वह दूर हो गई है। 

जीएसटी के फार्म भरवाने के नाम पर व्यापारियों से चार से पांच हजार रुपए वसूले जा रहे हैं। इसके लिए जिला कलेक्टर के माध्यम से 500 युवक व युवतियों को ऑनलाइन जीएसटी का फार्म भरने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। ऑनलाइन सेंटरों पर इन ट्रेंड युवक-युवतियों के माध्यम से जीएसटी के फार्म मात्र 100 रुपए के शुल्क में भरवाए जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार की नजर फुटपाथ के व्यापारियों की उन्नाति पर है।

कृषि क्षेत्र में प्रदेश देश में अव्वल नंबर पर है। अब प्रदेश में व्यापार को बढ़ावा देने के लिए नई उद्योग नीति बनाई जा रही है। नई व्यापार नीति बनाने के लिए सरकार किसी एजेंसी की मदद ले सकती थी। लेकिन नई व्यापार नीति सरकार खुद तय करे, इसके लिए मैं 51 जिलों के भ्रमण पर निकला हूं। यह मेरा 16 पड़ाव है। और वे सीधे व्यापारियों से संवाद कर रहे हैं। जल्द ही जिले में व्यापार समिति का गठन किया जाएगा। इसमें व्यापारी खुद अपने प्रतिनिधि चुनेंगे और लगभग एक हजार व्यापारी इसके सदस्य होंगे। समिति के पदाधिकारियों की हर तिमाही में बैठक होगी। इस बैठक में कलेक्टर के अलावा उनके बोर्ड के कार्यक्षेत्र में आने वाले नौ विभागों के अधिकारी भी रहेंगे। जो व्यापारियों की समस्याओं का निराकरण करने का प्रयास करेंगे।

कृषि के साथ अब शिवराज सरकार प्रदेश में व्यापार को बढ़ावा देने व व्यापारियों की उन्नति पर और अधिक फोकस करेगी। सीएम हाउस में व्यापारियों की महापंचायत होगी। सरकार प्रदेश के उत्पादों को ई- ट्रेडिंग के माध्यम से देश के साथ अंतरराष्ट्रीय मार्केट भी उपलब्ध कराएगी। 


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