रोटा वायरस वैक्सीन अभियान का शुभारम्भ, सभी स्वास्थ्य कर्मियों को सौंपी वैक्सीन करने की जिम्मेदारी

रोटा वायरस वैक्सीन अभियान का शुभारम्भ, सभी स्वास्थ्य कर्मियों को सौंपी वैक्सीन करने की जिम्मेदारी

दुलेंद्र कुमार पटेल : रोटा वायरस वैक्सीन अभियान की शुरुवात आंगनबाड़ी केंद्र कुधरीपारा तमनार से किया गया। नियमित टीकाकरण के साथ रोटावायरस वेक्सीन सीएचसी तमनार के 3 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र,27 उप स्वास्थ्य केंद्र एवं 238 आंगनबाड़ी केंद्र अंतर्गत हजारों बच्चो को नियमित टीकाकरण की जा रही है। इसके लिए सभी स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षित कर वैक्सीन करने की जिम्मेदारी सौंपी गयी है। 

तमनार के बीएमओ के मुताबिक
इस संबंध में जानकारी देते हुए सीएचसी तमनार के बीएमओ डॉ. डीएस पैकरा ने बताया कि रोटा वायरस एक बच्चे से दूसरे बच्चों में दूषित पानी, दूषित भोजन खाने व गंदे तथा संक्रमित हाथों के संपर्क में आने से फैलता है। यह वायरस कई घंटों तक बच्चों के हाथों में और अन्य जगहों पर लंबे समय तक जीवित रह सकता है। सर्दियों व बरसात के शुरुआती मौसम में इसका संक्रमण सबसे अधिक दिखाई देता है। 

रोटा एक संक्रामक वायरस
उन्होंने कहा कि रोटा वायरस एक संक्रामक वायरस है। इसकी शुरुआत हल्के दस्त से होता है, जो थोडी सी लापरवाही के कारण गंभीर रूप ले लेता है।पर्याप्त उपचार नहीं मिलने के कारण दस्त से शरीर में पानी और नमक की कमी हो जाती है और कुछ मामलों में बच्चों की मृत्यु भी हो जाती है। इसके रोकथाम के एकमात्र उपाय साफ सफाई रखने व रोटा वायरस वैक्सीन है और यह काफी प्रभावी सिद्ध होता रहा है। इसके लिए शिशुओं को यह वैक्सीन तीन चरणों में दिया जायेगा। पहला टीका जन्म से छह सप्ताह, दूसरा 10 सप्ताह व आखिरी टीका 14 सप्ताह पर दिया जायेगा।


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