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शहडोल लोकसभा सीट कौन होगा किस पर भारी ?

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Apr 2, 2024

Lok Sabha Election 2024 - शहडोल लोकसभा सीट को 4 जिलों के हिस्सों से मिलाकर बनाया है, जिसमें पूरा अनूपपुर ,उमरिया, शहडोल, विदिशा जिले के कुछ हिस्से शामिल हैं इस लोकसभा में भी 8 विधानसभाओं को शामिल किया गया है। जिनमें जयसिंह नगर, जैतपुर, कोटमा, अनूपपुर, पुष्पराजगढ़, बांधवगढ़, मानपुर, बडवारा शामिल है. इन विधानसभाओं में सिर्फ 1 विधानसभा को छोड़कर सभी पर BJP ने कब्जा जमाया हुआ है... 

यहाँ का इतिहास - शहडोल लोकसभा सीट मूल रूप से आदिवासी मतदाताओं वाली लोकसभा सीट मणि जाती है शहडोल कभी रीवा रियासत के अधीन हुआ करता था। वर्ष 1977 के बाद शहडोल लोकसभा क्षेत्र की राजनीति तीन नेताओं-परिवारों से संचालित होती रही है। सत्ता की चाबी सीमित जनप्रतिनिधियों और परिवार तक सिमटी 46 वर्षों में 13 बार लोकसभा चुनाव हुए, जिसमें सबसे ज्यादा 5 बार दलपत सिंह परस्ते अलग-अलग पार्टियों के टिकट पर जीतकर लोकसभा पहुंचे। कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री दलबीर सिंह 3 बार सांसद बने, जबकि उनकी पत्नी राजेश नंदिनी सिंह ने एक बार कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव जीता। 

कौन है हिमाद्री सिंह - 

BJP नेता नरेंद्र मरावी से शादी के बाद वह कांग्रेस छोड़ BJP में शामिल हो गई थी। 2019 में हुए चुनाव में हिमाद्री सिंह ने लगभग साढ़े 4 लाख VOTE से चुनाव जीतकर रिकार्ड बनाया था। उन्होंने कांग्रेस की उम्मीदवार प्रमीला सिंह को हराया था। शहडोल सांसद हिमाद्री सिंह का पूरा परिवार कांग्रेस पार्टी से जुड़ा रहा है। उनके पिता दलवीर सिंह कांग्रेस से सांसद रहते हुए केंद्र सरकार में दो बार मंत्री रहे हैं। इसके साथ ही हिमाद्री की मां राजेश नंदिनी भी कांग्रेस से सांसद रही हैं। BJP में शामिल होने के बाद हिमाद्री सिंह 2019 का चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंची और 2024 के चुनाव में उन्‍हें मैदान में उतारा गया है। कांग्रेस ने बीच में कई प्रयोग भी किए, लेकिन हर बार शहडोल के मतदाताओं ने नकार दिया।

कौन है फुंदेलाल मार्को -

कांग्रेस ने अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित शहडोल संसदीय क्षेत्र से पुष्पराजगढ़ के विधायक फुंदेलाल मार्को को लोकसभा का प्रत्याशी बनाया है इनका जन्म 5 जून 1965 हुआ था इनकी पत्नी का नाम प्रेमवती सिंह मार्को है और मूलतः अनुपुर के रहने वाले है कांग्रेस के फुन्देलाल सिंह मार्को 55 साल के हैं और ग्रेजुएट तक पढ़े-लिखे हैं। 2 बार MLA रह चुके हैं। पहली बार 2013 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े और BJP के सुदामा सिंह 35 हजार वोटों से हरा दिया था। दूसरी बार भी BJP के नरेंद्र मरावी को 22 हजार वोटों से हरा दिया था। कांग्रेस ने लंबे समय से विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय और लोकप्रिय होने के कारण फिर से मैदान में उतारा था जहाँ फिर से इन्होने जीत हासिल की थी और अब लोकसभा में जुट गए हैं..

Report By:
Author
Ankit tiwari