पन्नाः टाइगर रिजर्व के जंगलों के अस्तित्व पर मंडरा रहा खतरा  

पन्नाः टाइगर रिजर्व के जंगलों के अस्तित्व पर मंडरा रहा खतरा  

गणेश विश्वकर्मा- आज टाइगर रिजर्व के अस्तित्व पर सवाल उठ रहे हैं। जरा सोचिए कि जिस क्षेत्र में एक घास का तिनका भी कोई नहीं काट सकता, जहां की निगरानी ड्रोन जैसे आधुनिक कैमरे से हो रही हो, जहां परिंदा भी पर नहीं मार सकता। वहीं का यह आसम है कि अस्तित्व पर ही खतरा मंडराने लगा है। यह सभी दावे पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन करता है, लेकिन वहीं के जंगलों से 625 बेशकीमती सागौन के पेड़ों की कटाई हो जाना, कहीं न कहीं पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन पर सवालिया निशान खड़ा करता है।

मामला पन्ना टाइगर रिजर्व के बफर जोन क्षेत्र के हरसा बीट का है। जहां पर टाइगर रिजर्व के कर्मचारियों व अधिकारियों ने मिलकर बेशकीमती सागौन की अंधाधुंध कटाई करवा डाली और पूरे मामले पर पर्दा डालने की कोशिश की गई, लेकिन भोपाल में शिकायत होने के बाद भोपाल से 5 सदस्य टीम जांच के लिए पन्ना पहुंची। तब टाइगर प्रबंधन में हड़कंप मच गया।

अधिकारी कर्मचारियों की मिलीभगत से 625 बेशकीमती सागौन के पेड़ों की कटाई

पन्ना टाइगर रिजर्व के बफर जोन एरिया में हरसा बीट में कर्मचारी और अधिकारियों की मिलीभगत से एक नहीं 625 बेशकीमती सागौन के पेड़ बेरहमी से काट दिए गए। जिनकी अनुमानित कीमत ₹10 करोड़ से ऊपर बताई जा रही है। हालांकि अधिकारी कर्मचारी तो इस पर पर्दा डाल देते लेकिन किसी ने शिकायत भोपाल तक पहुंचा दी। भोपाल पहुंची शिकायत के बाद भोपाल से राज्य उड़नदस्ता दल के अधिकारी और कर्मचारियों का 5 सदस्य दल पन्ना पहुंचा है। पन्ना जैसे ही यह दल पहुंचा, वैसे ही टाइगर रिजर्व प्रबंधन में हड़कंप मच गया। अधिकारी कर्मचारी सख्ते में हैं। पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन के अधिकारियों का कहना है कि वास्तव में बहुत बड़ा मामला है और इसमें हमारे विभाग के साथ-साथ भोपाल की टीम भी जांच करने आई है।

5 सदस्यों की जांच टीम भोपाल से पन्ना पहुंची

पेड़ों की कटाई के बारे में वहां के स्थानीय लोगों से हमने बात की तो उनका कहना है कि यहां टाइगर रिजर्व की रेंजर व अधिकारी आते हैं। वे दारू के नशे में धुत रहते हैं और पेड़ों की कटाई अंधाधुंध करवाते रहते हैं। फिर उसके बाद इसकी सागौन के पेड़ों के ठूंठों को जला दिए जाते हैं। अभी जो भोपाल से टीम आई है, वह बाहर बाहर ही घूम रही है। जब अंदर जाकर जंगल में देखेंगे तो ना जाने कितने पेड़ कटे हुए हैं। करोड़ों की संपत्ति को खाक करके रखा है वन विभाग की कर्मचारियों ने। हालांकि इस मामले की जांच करने भोपाल से राज्य स्तरीय उड़नदस्ता दल के अधिकारियों के साथ 5 सदस्य टीम पन्ना पहुंची है। जांच दल के अधिकारियों का कहना है कि बफर क्षेत्र में अंधाधुंध लकड़ी की कटाई का मामला प्रकाश में आया है जिसमें वन मंत्रालय के आदेश पर इसकी जांच करने आए हैं।


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