पुलिस ने सुलझाई गोलीकांड की गुत्थी, आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज

पुलिस ने सुलझाई गोलीकांड की गुत्थी, आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज

अनिल बैरागी : महिदपुर थाना क्षेत्र में राजीनामा से मना करने की बात पर हुए गोलीकांड की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली हैँ। मामले में घायल युवक ने जेल में बंद पिता को छुडा्ने के लिए दोस्त को गोली मारने की झूठी साजिश रची थी। घटनास्थल पर मिले साक्ष्य और घटनाक्रम से पुलिस ने मामले की बारिकी से पड़ताल की तो सच सामने आया। मामले में महिदपुर थाना क्षेत्र पुलिस ने घायल युवक और साथियों को हिरासत में प्रकरण दर्ज किया हैँ। 

गौरतलब है कि बीते सप्ताह मंगलवार को उज्जैन जिले के महिदपुर थाना क्षेत्र में अजहर पिता अफजल निवासी महिदपुर को गाेली मारकर जानलेवा हमले का प्रयास किया गया था। मामले में पुलिस ने अजहर की निशानदेही पर महिदपुर निवासी शरीफ, युसुफ और युनुस को हिरासत में लेकर पूछताछ आरंभ की थी। एसपी सचिन अतुलकर ने बताया कि घटना के बाद मौके पर एफएसएल की टीम को खून के कोई निशान नहीं मिले जिससे घटना के संदिग्ध होने की शंका हुई। 

इसके अलावा टीम ने पाया कि घायल अजहर के सीने पर चलाई गई गोली बेहद नजदीक से मारी गई थी जो सीने की चमडी को खींचकर चलाई गई थी। जिस पर चश्मदीद से पूछताछ करने पर सच उगल दिया। घटना के चश्मदीद आबिद पिता मुन्न् खां ने बताया कि दोस्त फरमान ने जेल में बंद उसके पिता शहजाद को जेल से छुडा्ने के लिए ये षडयंत्र रचा था। इसके लिए उन्हें डेढ् लाख रूपए की पेशकश भी की गई थी। 

घटना के पहले ही लगा दिया 108 एंबुलेंस को फोन
मामले में चश्मदीद बने आबिद ने घटना के पहले ही 108 एंबुलेंस को फोन लगा दिया। इसके बाद जैसे ही एंबुलेंस की आवाज सुनाई दी अजहर के दोस्त जाकिर ने उस पर गोली चला दी। घटनास्थल पर खून गिरने के पहले ही एंबुलेंस उसे लेकर चली गई थी। जो पुलिस की शंका की वजह बना। 

घर पर सोते मिले आरोपी
पुलिस ने बताया कि अजहर ने जिन आरोपियोें के नाम बताए थे उनमें से एक खेत में पानी फेरता मिला। जो कि शेष दो घर पर सोते मिले। जानलेवा हमले के पीछे इस घटना में राजीनामा के बदले पूर्व में किए गए जानलेवा हमले में राजीनामे की मंशा थी।


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