बांध के विरोध में लामबंद हुए ग्रामीण, घरों की दीवारों में विरोध के लिखे नारे

बांध के विरोध में लामबंद हुए ग्रामीण, घरों की दीवारों में विरोध के लिखे नारे

शिवराम बर्मन : आदिवासी जिला डिंडौरी में करंजिया जनपद क्षेत्र के बिठलदेह ग्राम में इन दिनों ग्रामीणों में खासा विरोध देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों में विरोध की मुख्य वजह गाँव के सिवनी संगम नदी में बनने वाला बांध बताया जा रहा है। वैसे भी आदर्श आचार संहिता लगने के बाद से जिला निर्वाचन अधिकारी के द्वारा स्वीप प्लान के तहत मतदाताओ को मतदान के लिए जागरूक करने तरह तरह के तरीके अपनाए जा रहे है। लेकिन क्या इन तरीकों से बांध निर्माण का विरोध कर रहे ग्रामीणों का मन बदल पाएगी स्वीप प्लान आगामी दिनों में यह देखना लाजमी होगा ।

यह है मुख्य वजह दरअसल बिठलदेह गाँव मे प्रस्तावित बांध बनने का है जिसके लिए शासन की तरफ से सभी दस्तावेज पुरे कर लिए गए है। बताया जा रहा है कि इस बांध के निर्माण से आसपास के कई  गाँव डूब क्षेत्र में आ जाएंगे और कई किलो मीटर तक के ग्रामीणों को उनके खेत मे पर्याप्त पानी उपलब्ध हो पायेगा। लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि इस बांध के निर्माण से उंन्हे विस्थापित कर दिया जाएगा साथ ही साल में दो फसल देने वाली उपजाऊ काली मिट्टी की खेती से वे हाथ धो बैठेंगे। वही जिला प्रशासन की तरफ से कोई भी अधिकारी उनसे बात करने गाँव नही पहुँचा है।जिसके कारण विरोध और भी ज्यादा बढ गया है।

दीवारों में मतदान न करने की अपील बिठलदेह गाँव के लोगो ने बांध बनने के विरोध के चलते अपने अपने घरों में मतदान न करने की अपील के साथ बांध न बनाये जाने की भी अपील लिखवाई है। ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए बांध निर्माण विरोधी नारे लगाते हुए मतदान का सामूहिक बहिष्कार की भी चेतावनी दी है।

ये लिखे है दीवारों पर नारे। वोट हमारा बांध तुम्हारा,बांध निरस्त करो वोट हमसे लो।अबकी बार हमने ठाना है वोट बहिष्कार करना है। साथ ही बांध निरस्त करने लिखे नारे वाले बेनर लिए गाँव मे घूमते नजर आए।वही मामले को लेकर कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मीडिया से बात करने में बचता दिखाई दे रहा है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में विरोध की आवाज शांत होगी या विरोध से मतदान प्रभावित होगा ?
 


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