कर्ज से परेशान हो कर किसान ने की थी आत्महत्या अब पीड़ित परिजन कर रहे मुआवजे की मांग

कर्ज से परेशान हो कर किसान ने की थी आत्महत्या अब पीड़ित परिजन कर रहे मुआवजे की मांग

अपने डेढ़ लाख रूपय के कर्ज को पटाने के नोटिस से परेशान किसान की आत्महत्या में के मामले में पीड़ित परिजन के द्वारा 20 लाख  रुपए की मुआवजा राशि एवं चारो बेटीयो के लालन पालन की मांग को लेकर किसान परिवार द्वारा किया जा रहा आंदोलन राजनीति की भेंट चढ़ गया।

दरअसल मरवाही के पिपरिया गांव में रहने वाला सुरेश सिंह मरावी आदिवासी सेवा सहकारी समिति लरकेनी  से 4 साल पूर्व खेती के लिए ऋण लिया था वह ऋण बढ़कर डेढ़ लाख हो गया जिसे पटाने के लिए सुरेश सिंह पर लगातार बैंक की नोटिस आ रही थी जिससे परेशान हाल होकर सुरेश सिंह ने कल अपने ससुराल में देर शाम फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी जिसके बाद आज सुबह पुलिस ने सुरेश सिंह मरावी के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद अंतिम संस्कार के लिए शव जब परिजनों को सौंप दिया।

परिजन किसान की मौत पर मुआवजा की मांग करने के लिए मुख्य मार्ग पर बैठने का प्रयास कर ही रहे थे कि उसी समय प्रशासन ने उन्हें मुख्य मार्ग पहुंचने से पूर्व रोक लिया था मामले में तूल देने की नियत से कांग्रेस एवं जनता कांग्रेस ने इस मामले को भुनाने की कोशिश की परंतु बमुश्किल 1 घंटे के आंदोलन के बाद प्रशासन के दबाव में आकर दोनों राजनीतिक दलों ने अपना हाथ खींचते हुए परिजनों को उनके हाल पर छोड़ दिया ।

जिसके बाद प्रशासन ने मात्र 10,000 की सहायता राशि देकर उन्हें मौके से चलता कर दिया ऐसे में किसान की मौत और आत्महत्या का मामला राजनीति की भेंट चढ़ता नजर आया बाद में दोनों राजनीतिक दलों ने आपस में चंदा कर 10 - 10 हजार की सहायता राशि और दी अपने को अकेला पाकर पीड़ित परिजन अब अपने गांव की ओर चले गए हैं परंतु गांव के बीच आक्रोश का माहौल है अभी भी वह प्रशासन के खिलाफ अड़े हुए हैं और 20 लाख रुपए मुआवजा राशि की मांग सहित अपने चारों बच्चियों के लिए पढ़ाई से लेकर उसकी शादी विवाह तक के खर्चे की मांग को लेकर अड़े हुए हैं।


Share
Bulletin