ग्वालियर के जीवाजी विश्वविद्यालय ने की 5 कॉलेजों की मान्यता रद्द

ग्वालियर के जीवाजी विश्वविद्यालय ने की 5 कॉलेजों की मान्यता रद्द

ग्वालियर के जीवाजी विश्वविद्यालय ने अंचल के पांच कॉलेजों को मान्यता देने से मना कर दिया है इन पांच कॉलेजों में से एक कॉलेज एमएलबी शहर के सबसे पुराने व प्रतिष्ठित संस्थानों में शुमार है विश्वविद्यालय और कॉलेजों की खींचतान के कारण छात्रों के भविष्य पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।

दरअसल जिन पांच कॉलेजों की लॉ डिपार्टमेंट की मान्यता जीवाजी विश्वविद्यालय ने देने से मना किया है उसमें ग्वालियर के महारानी लक्ष्मी बाई वाणिज्य एवं विधि महाविद्यालय के अलावा अंचल के अशोकनगर, गुना, शिवपुरी व भिंड के लॉ कॉलेज शामिल है कॉलेजों की मान्यता को बीसीआई की अनुमति ना होने के कारण रद्द किया गया है पिछले साल भी इसी तरह का मामला सामने आया था लेकिन बाद में बीसीआई से कॉलेजो ने मान्यता देने की प्रार्थना की थी जिसके बाद इन्हें मान्यता दे दी गई थी लेकिन इस बार फिर से बीसीआई ने इन्हें अनुमति देने से इंकार कर दिया है जिसके चलते विश्वविद्यालय ने इन कॉलेजों को मान्यता देने से मना कर दिया है और इस पर कार्य परिषद ने भी अपनी मुहर लगा दी है।

कॉलेज की मान्यता रद्द किये जाने के सवाल को लेकर जब एमएलबी कॉलेज प्रबंधन से बात की गई तो उनका साफ तौर पर कहना था,कि मान्यता के लिए जो निर्धारित फीस जमा की जाती है उसे जमा कर दिया गया है लेकिन बीसीआई से मीटिंग ना होने की वजह को एमएलबी कालेज प्रबंधन मान्यता ना मिलने का कारण बता रहा है साथ ही निजी कॉलेजों पर छात्रों को भ्रमित करने का भी आरोप लगा रहा है जिससे छात्र भ्रमित होकर दूसरे कॉलेजों में एडमिशन ले ले।

हालांकि एमएलबी कॉलेज प्रबंधन की माने तो उनकी विश्व विद्यालय प्रबंधन से चर्चा हुई है और उन्हे आने वाले 4 महीनों के लिए मान्यता दी गई है लेकिन सवाल खड़ा होता है की जो छात्र लॉ की पढ़ाई कर रहे हैं उनकी डिग्री बिना मान्यता के जीवाजी विद्यालय प्रबंधन देने से मना कर रहा है ऐसे में विश्व विद्यालय और कॉलेजों के बीच चल रही खींचतान का अगर जल्द ही नही सुलझाया गया तो छात्रों के भविष्य पर संकट गहराता जा रहा है।
 


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