युवकों ने किया शराबबंदी का उल्लंघन, पंचायतों ने मुंडवा दिए युवकों के सिर!

युवकों ने किया शराबबंदी का उल्लंघन, पंचायतों ने मुंडवा दिए युवकों के सिर!

श्योपुर। जिले में समाज सुधार के लिए गांव गांव में हो रही सहरिया आदिवासी पंचायत के अजब गजब फरमान सामने आ रहे हैं इन्हीं में से एक फरमान शराबबंदी का भी है जिसका दो युवकों ने उल्लंघन कर दिया तो उन्हें अपना सिर मुंडाकर सजा भुगतनी पडी है। 

मामला बडौदा कस्बे का है जहां शुक्रवार सुबह शराब पीकर शिवरात्रि मेला देखने आए दलारना और सिरसौद के एक युवक पंचायत के उन पंचों के हत्थे चढ गये जो शराब बंदी के नियमों का पालन कराने में जुटे थे। दोनो शराबी युवक बडौदा बस स्टेण्ड पर शराब के नशे में धुत्त मिले तो वहां पहुंचे आदिवासी पंचायत के ब्लॉक अध्यक्ष घनश्याम और उसके साथियों ने उन्हें रोक लिया।

कुछ ही देर बाद वहां मौजूद लोगों ने खुद कैंची लेकर दोनो युवकों के सिर के बाल काट दिये। दोनो युवक सजा मिलने के बाद वहां से गायब हो गये। उन्होंने इस बारे में पुलिस को किसी भी तरह से शिकायत नहीं की है आदिवासी पंचायत के मुखिया भी किसी कार्य से कराहल चले गये लेकिन पंचायत से जुडे एक युवक ने इस तुगलकी सजा को जायज ठहराया है।

उसका कहना है कि पंचायत द्वारा शराब बंद कराने के बाद भी समाज के लोग शराब का सेवन कर रहे हैं। युवक के मुताबिक पंचायत द्वारा पहली बार शराब पीते पकडे जाने पर ५०० रूपये, दूसरी बार १००० रूपये एवं तीसरी बार ५००० रूपये और उसके बाद भी शराब पीते पकडे जाने पर मुंडन की सजा निर्धारित है लेकिन लोग शराब पीना नहीं छोड रहे हैं। 

इस बारे में बडौदा थाना प्रभारी का कहना है कि इस तरह की कोई भी शिकायत हमारे पास नहीं आई है यह जरूर है कि पंचायतों की हमे जानकारी दी गई थी तो हमने भी उन्हें शराबबंदी में सहयोग करने का वादा दिया गया था लेकिन इस तरह से मुंडन करना अवैधानिक है। 


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