Jan 13, 2026
हर्षा रिछारिया का बड़ा फैसला: धर्म की राह छोड़, पुराने प्रोफेशन में वापसी का ऐलान!
प्रयागराज में हुए महाकुंभ 2025 के दौरान अपनी खूबसूरती और आध्यात्मिक लुक से सोशल मीडिया पर छा जाने वाली हर्षा रिछारिया ने अब एक भावुक वीडियो शेयर कर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि पिछले एक साल में उन्हें लगातार विरोध, चरित्र पर सवाल और मानसिक दबाव का सामना करना पड़ा, जिससे उनका मनोबल टूट गया। हर्षा ने स्पष्ट कहा कि वे अब मौनी अमावस्या पर स्नान कर धर्म के इस मार्ग को अलविदा कहेंगी और अपने पुराने प्रोफेशन में पूरी आजादी के साथ लौटेंगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि वे कोई मां सीता नहीं हैं, जो बार-बार अग्निपरीक्षा दें। हर्षा ने यह भी खुलासा किया कि लोग सोचते हैं उन्होंने धर्म से करोड़ों कमाए, जबकि हकीकत में वे आज उधारी में डूबी हुई हैं। यह फैसला उनके लिए विद्रोही कदम है, जहां वे बिना किसी रोक-टोक के अपना जीवन जी सकेंगी।
महाकुंभ से शुरू हुई कहानी अब खत्म
महाकुंभ 2025 में निरंजनी अखाड़े की पेशवाई में रथ पर नजर आने के बाद हर्षा वायरल हो गई थीं। लोगों ने उन्हें 'सबसे सुंदर साध्वी' कहा, लेकिन जल्द ही उनके पुराने जीवन और प्रोफेशन पर सवाल उठने लगे। विरोध इतना बढ़ा कि उन्होंने इसे सहन करने की सीमा पार कर ली।
विरोध और चरित्र हनन से तंग आकर लिया फैसला
हर्षा ने वीडियो में दुख जताया कि न चोरी की, न लूटपाट की, फिर भी उनका चरित्र हनन किया गया। देश में लड़की का मनोबल तोड़ना और चरित्र पर सवाल उठाना सबसे आसान काम बन गया है। उन्होंने कहा, "अब बस बहुत हुआ, और नहीं सहना!"
आर्थिक हकीकत से खुलासा
धर्म के रास्ते पर चलते हुए हर्षा को उम्मीद थी कि सब ठीक हो जाएगा, लेकिन उल्टा हुआ। पहले वे एक प्राउड एंकर थीं, जहां उन्होंने नाम और पैसा दोनों कमाया था। अब स्थिति ऐसी है कि उधारी के अलावा कुछ नहीं बचा।
विद्रोही मानसिकता के साथ नई शुरुआत
हर्षा ने वीडियो को जय श्री राम से शुरू कर अंत में विद्रोही अंदाज में खत्म किया। उनका कहना है कि यह जाना सिर्फ जाना नहीं, बल्कि एक मजबूत विद्रोह होगा। अब वे फ्रीडम के साथ पुराने क्षेत्र में काम करेंगी, जहां कोई सवाल नहीं उठाएगा।







