खेलों में युवाओं का योगदानः ताक्वांडो के साथ पंच में माहिर हैं मनीष-गमनदेव

खेलों में युवाओं का योगदानः ताक्वांडो के साथ पंच में माहिर हैं मनीष-गमनदेव

नई दिल्लीः स्वामी विवेकानंद की जयंती अर्थात 12 जनवरी को पूरे देश में राष्ट्रीय युवा दिवस के के रूप में मनाई जाती है। स्वामी विवेकानंद ने दुनिया के सामने हिंदुत्व के विचारों को रखा और सनातन परंपरा को आगे बढ़ाया। मनीष सैनी और गमनदेव सैनी ने ताइक्वांडो और बाक्सिंग में राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक का सफर तय किया है। दोनों खिलाड़ी ताक्वांडो में हाथ पैर चलाने और रिंग में मुक्के का पंच लगाने में माहिर हैं। बाक्सिंग के 48 से 50 किग्रा भार में मनीष वर्ष 2017 और 2019 में स्टेट खेल चुके हैं। उन्हें सिल्वर मेडल हासिल हुआ। जबकि गमनदेव सैनी बाक्सिंग में 75 से 80 किग्रा भार के खिलाड़ी हैं। 2016 में हरिद्वार में हुए स्टेट चैंपियनशिप में गमन ने गोल्ड जीता था। दोनों खिलाड़ी ताक्वांडो में स्टेट और नेशनल खेल चुके हैं।

पूर्व क्रिकेटर का बेटा फुटबाल को कर रहा किक

आपकी जानकारी के लिए हम आपको बता दें कि जोया के गांव टिकिया के रहने वाले पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद रिजवान पाशा के बेटे मोहम्मद फरहान फुटबाल में जिले का नाम रोशन कर रहे हैं। वह दिल्ली जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में पढ़ते हैं। फरहान दिल्ली की जूनियर फुटबाल टीम के सदस्य रह चुकेे हैं। वर्ष 2018 में यूपी अंडर-19 टीम से कटक में हुई डॉ. बीसी राय ट्राफी में खेला था।

बल्ले के साथ विकेट के पीछे भी शोएब का कमाल

वहीं यह भी कहा जा रहा है अमरोहा के यूथ क्रिकेट एकेडमी से जुड़े सहारनपुर के रहने वाले शोएब सिद्दीकी का चयन पिछले साल यूपीसीए अंडर-19 टीम हुआ था। शोएब ने अमरोहा में रहकर क्रिकेट की बारीकियां सीखीं। वह दाहिने हाथ के बल्लेबाज के साथ-साथ विकेटकीपर भी हैं। जंहा शोएब ने जोन के मैचों में शानदार बल्लेबाजी कर चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षिक किया था।


Share
Bulletin