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कोहरे की वजह रेल की रफ्तार पर ब्रेक, एक साथ 76 ट्रेनें रद्द

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Dec 19, 2016

कोहरे की मार के कारण ट्रेनों के कैंसिल या लेट होने का सिलसिला लगातार चल रहा है, अब रेलवे ने एक साथ 76 ट्रेनों को रद्द कर दिया है. मौसम की आंखमिचौली ने रेलवे को हक्का-बक्का कर दिया है, पहले रेल मंत्रालय ने तय किया था कि इस बार एक साथ ट्रेनों को कोहरे के सीजन के लिए पहले से ही कैसिंल नहीं किया जाएगा लेकिन दिसंबर के पहले हफ्ते में ही कोहरे की मार ने रेलवे के प्लान को पटरी से उतारकर रख दिया. ऐसे में रेलवे ने 54 ट्रेनों को अब से लेकर 15 से 18 जनवरी तक पूरी तरह से कैंसिल करने का फैसला किया है. इसके अलावा 22 ट्रेनों को सप्ताह के दौरान एक दिन नहीं चलाने का फैसला किया गया है. उत्तर रेलवे के सीपीआरओ के मुताबिक कोहरे की संभावना के बीच लोगों को परेशानी से बचाने के लिए रेलवे ने ये फैसला लिया है.

गौरतलब है कि पहले नवंबर और उसके बाद दिसंबर के पहले पखवाड़े में कोहरे ने उत्तर भारत के तमाम इलाकों पर अपना असर डाला है, कोहरे के चलते रेलवे की 2000 से ज्यादा रेलगाड़ियां 8 घंटे से लेकर 30 घंटे तक की देरी से चलानी पड़ीं. लेकिन कोहरे की मार सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं रही कोहरे की वजह से बहुत ज्यादा देरी के चलते 200 ज्यादा ट्रेनों के फेरे रद्द करने पड़े. ऐसे में कोहरे की अनिश्चिता के चलते रेलवे को अपना प्लान बदलना पड़ा है.

रेलवे ने जिन ट्रेनों को कोहरे की अनिश्चिता के चलते बंद करने का फैसला किया है उनमें से कुछ हैं बेगमपुरा एक्सप्रेस, ऊंचाहार एक्सप्रेस, लिच्छवी एक्सप्रेस, सियालदह एक्सप्रेस, लखनऊ डबल डेकर एक्सप्रेस, गोरखपुर वीकली एक्सप्रेस, जयपुर-चंडीगढ़ एक्सप्रेस और मऊ एक्सप्रेस. जिन ट्रेनों को कैंसिल किया गया है उनमें से 34 ट्रेनें उत्तर रेलवे से संबंधित हैं, ये सभी ट्रेनें अगले साल 15 जनवरी तक कैंसिल रहेंगी.

रेलवे ने भले ही आवाजाही को सुचारू बनाने के लिए कई ट्रेनों को एक साथ कैंसिल करने का फैसला लिया हो लेकिन मजेदार बात ये है कि जबसे रेलवे ने ये फैसला लिया है उत्तर-पश्चिम भारत में कोहरे की मार एकदम से कम हो चली है. मौसम विभाग की माने तो अगले एक हफ्ते तक हल्के कोहरे की ही ज्यादा संभावना है. ऐसे में एक बात साफ है कि भारतीय रेलवे ने देश के मौसम विभाग के साथ तालमेल नहीं बनाया है नहीं तो उनकी भविष्यवाणी का सही इस्तेमाल करके रेलवे लोगों को परेशानी से बचा सकती थी