Oct 21, 2016
हिन्दू धर्म का पवित्र त्योहार दीपोत्सव मतलब दीवाली, जिसकी तैयारियां घरों में रावण दहन के बाद से शुरू हो जाती हैं। हिन्दू धर्म की परंपरा के अनुसार इस दिन राम अपने वनवास के 14 साल बाद वापस अयोध्या लौटे थे। इस मौके पर अवध के लोगों ने दीपोत्सव मनाया और आज तक यह उत्सव परंपराओं में है। हर दिवाली लोगों के लिए खास होती है। लेकिन इस बार दिवाली कुछ ज्यादा ही खास है। पहले धनतेरस पर सभी लोग कुछ ना कुछ नया जरुर खरीदते हैं, कहा जाता है कि धनतेरस में कोई भी चीज़ नयी लेने को शुभ माना गया है। लेकिन इस बार दिवाली खुशियों से भर देने वाली है जानिए इस दिवाली पर बन रहे 14 शुभ मुहूर्तों को।
जानिए दिवाली से पहले 14 शुभ मुहूर्त :
- हम आपको बता दें कि इस दिवाली पर एक नहीं बल्कि 14 शुभ योग बन रहे है
- अहोई अष्टमी, कालाष्टमी एवं सूर्य बुध के होने से इतने योग बन रहे हैं।
- दीपावली से 8 दिन और धनतेरस से 6 दिन पहले 23 अक्टूबर रविवार को रवि पुष्य नक्षत्र का महासंयोग बन रहा है।
इस दिन जाने खरीददारी का क्या है महत्व :
- इस 23 अक्टूबर रविवार को रवि पुष्य नक्षत्र के दिन खरीदारी का विशेष महत्व माना गया है।
- हालांकि धनतेरस से पहले आने वाला यह योग बाजार में समृद्धि की बाहर लेकर आएगा।
- रवि पुष्य अपने आप में श्रेष्ठ नक्षत्र माना जाता है यह पूरे 15 घंटे रहेगा।
- 22 को शनि पुष्य व 23 को रवि पुष्य का योग बनने से भूमि।
- भवन वाहन व अन्य स्थाई सम्पत्ति में निवेश करने से लाभ होगा।
- नक्षत्रों का राजा है पुष्य नक्षत्र सोना, चांदी, बर्तन, कपड़ा।
- इलेक्ट्रॉनिक के सामान खरीदना व लक्ष्मी के पूजन सामग्री खरीदने का महामुहूर्त हैं।
- पुष्य नक्षत्र की धातु सोना है यें नक्षत्र लोगों के लिए लाभदायक साबित होता है।
- इस योग के रहते कोई वस्तु बेचनी नहीं चाहिए क्योंकि भविष्य में वस्तु दोगुनी या तीन गुनी बेचनी पड़ सकती है।
- 22 अक्टूबर को रात्रि 41 बजे प्रारंभ होगा, जो 23 को रात्रि 8.41 तक रहेगा।
- दिवाली के 8 दिन पहले पुष्य नक्षत्र दिवाली से पूर्व धनतेरस अबूझ मुहूर्त वाला दिन माना जाता है।








