विश्व धरोहर सूची में भारत के कई दार्शनिक स्थल शामिल

विश्व धरोहर सूची में भारत के कई दार्शनिक स्थल शामिल

संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन, यूनेस्को ने भारत के 42 धरोहर स्थल जो काफी लंबे वक्त से यूनेस्को की ‘धरोहर सूची’ में शामिल किए जाने का वेट कर रहे थे उनको संभावित धरोहरों की लिस्ट में शामिल कर लिया गया। इन धरोहर स्थलों को यूनेस्को की ‘संभावित धरोहरों की सूची’ में तो शामिल किया गया है लेकिन पूर्ण रूप से वैश्विक धरोहर के रूप में मान्यता अभी तक नहीं मिली है, तब भी यह भारत के धरोहर स्थलों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। इस सूची में पश्चिम बंगाल का विष्णुपुर मंदिर, केरल के कोच्चि स्थित मात्तानचेरी पैलेस, मध्यप्रदेश के मांडू स्थित ग्रुप ऑफ मॉन्यूमेंट और उत्तर प्रदेश के वाराणसी के सारनाथ स्थित प्रचीन बौद्ध स्थल साल 1998 से यूनेस्को की संभावित विश्व धरोहर सूची में शामिल हैं हालांकि अब तक पूर्ण रूप से विश्व धरोहर की मान्यता नहीं मिली है।

संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री ने कहा हमे अपने धरोहर स्थलों का विकास करना है

यूनेस्को के संभावित धरोहरों की सूची में भारतीय धरोहरों में पंजाब के अमृतसर स्थित श्री हरमंदिर साहिब और असम में ब्रह्मपुत्र नदी की मुख्यधारा से लगे माजुली द्वीप साल 2004 से ही शामिल है। उधर, नामदाफा राष्ट्रीय उद्यान और लिटिल रन आफ कच्छ का वाइल्ड एस सैंचुरी साल 2006 से संभावित सूची में तथा नेउरा वैली नेशनल पार्क और डेजर्ट नेशनल पार्क साल 2009 से यूनेस्को की संभावित सूची में शामिल है। संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री प्रह्लाद पटेल ने कहा कि हमे अपने धरोहर स्थलों का विकास करना है ताकि एक तरफ पर्यटन को बढ़ावा मिल सके और दूसरी तरफ दुनिया हमारी समृद्ध संस्कृति से अवगत हो सके।


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