आज मनाया जा रहा है विश्व आदिवासी दिवस

आज मनाया जा रहा है विश्व आदिवासी दिवस

विश्व आदिवासी दिवस पर शुक्रवार को विभिन्न आदिवासी क्षेत्रों में कई कार्यक्रम आयोजित किये गये हैं। इसी सिलसिले में खिरकिया के स्थानीय मंडी प्रांगण में संयुक्त राष्ट्र संघ की घोषणानुसार विश्व आदिवासी दिवस मनाया जा रहा है। शुरुआत आदिवासी महापुरुषों के माल्यार्पण से हुई। इसमें गोंडवाना महासभा, जयस, कोरकू समाज संगठन, भिलाला समाज संगठन, गौड़ समाज संगठन के साथ ही सर्व आदिवासी समुदाय के लोग एकत्रित हो रहे हैं। कार्यक्रम में विशेष रूप से पैसा कानून, वन अधिकार अधिनियम सहित आदिवासियों की जल-जंगल जमीन की सुरक्षा पर विशेष अतिथियों व स्थानीय युवाओं द्वारा चर्चा की जाएगी। आदिवासियों की संस्कृति को बचाए रखने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया जाएगा। कार्यक्रम सुबह 11 बजे से शाम 5।30 बजे तक रहेगा। कार्यक्रम पश्चात एक रैली मंडी प्रांगण से सांस्कृतिक नृत्य करते हुए भीमराव आंबेडकर भवन पहुंचेगी। वहां माल्यार्पण के बाद कार्यक्रम का समापन होगा।

आदिवासी समुदायों की भाषा, जीवन-शैली, पर्यावरण से निकटता और कलाओं को संरक्षित और संवर्धित की आवश्यकता

विश्व आदिवासी दिवस के पहले सरकार ने हरेली का त्योहार मनाया था, जो कि किसानों का खास त्यौहार होता है। मुख्यमंत्री से लेकर सभी मंत्री और कांग्रेस के विधायक अलग-अलग क्षेत्रों में स्थानीय लोगों के साथ यह त्यौहार मनाने पहुंचे थे। विश्व आदिवासी दिवस न केवल मानव समाज के एक हिस्से की सभ्यता एवं संस्कृति की विशिष्टता का द्योतक है, बल्कि उसे संरक्षित करने और सम्मान देने के आग्रह का भी सूचक है। आदिवासी समुदायों की भाषा, जीवन-शैली, पर्यावरण से निकटता और कलाओं को संरक्षित और संवर्धित करने के प्रण के साथ आज यह भी संकल्प लिया जाए कि अपनी आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा करने में उनके साथ कदम-से-कदम मिला कर चला जाए। 

 

 

 


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